बैकुंठपुर के जिला अस्पताल की हालत किसी से छुपी नहीं है बीती रात एक नवजात शिशु की जिला अस्पताल में मौत होने के बाद सुबह उनके परिजनों ने जिला अस्पताल में काफी हंगामा किया । जिसके बाद परिजनों ने नवजात शिशु को अपने घर ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया । घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर के ग्राम कसरा के निवासी गर्भवती महिला कशिष 19 फरवरी को दोपहर में जिला अस्पताल में भर्ती हुई । जिसके बाद रात में उसकी नॉर्मल डिलीवरी हो गई । वहीं पर 20 की रात को नवजात बच्चे ने तेज रोना शुरू कर दिया, जिसके बाद महिला के परिजनों ने शिशु वार्ड में नर्स को कई बार बच्चे के रोने की जानकारी दी। किंतु महिला के परिजनों ने बताया कि उसके बावजूद कोई भी बच्चे को देखने नहीं आया । इलाज में अनदेखी होने के कारण बच्चे की मौत हो गई।
इसके बाद बुधवार की सुबह नवजात के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया । वही इस संबंध में महिला की सास ने बताया कि मेरे द्वारा नर्स को चार से पांच बार बुलाने के लिए गये। किंतु नर्स बच्चे को देखने नहीं आई । जिस कारण ही बच्चे की मौत हो गई । यदि समय से इलाज दिया जाता तो बच्चों की मौत नहीं होती । दूसरी ओर जिला अस्पताल शिशु वार्ड में पदस्थ नर्स सरस्वती ने बताया कि यह लोग किसी को बुलाने नहीं आए इसलिए मौत के लिए बच्चों के परिजन खुद जिम्मेदार है । दूसरी ओर जब इसकी शिकायत सिविल सर्जन से की गई तो उन्होंने कहा कि मामला मेरी जानकारी में आया है मैं इसकी जांच कराऊंगा । वहीं पर शिशु वार्ड में नर्सो की कमी की जानकारी होने से उन्होंने इनकार कर दिया । उनका कहना था कि मेरी जानकारी में अब तक नहीं आया है की शिशु वार्ड में नर्सो की कमी है।
नवजात शिशु की जिला अस्पताल में मौत……..परिजनों ने लगाया अस्पताल प्रबंधन को ठहराया जिम्मेदार
You must be logged in to post a comment.

+ There are no comments
Add yours