लोकसभा चुनाव के बीच बाहरी नेताओं को लेकर भाजपा के नेताओं में अदंरुनी नाराजगी देखने को मिल रही है। हाल ही में भाजपा ने बाहरी उम्मीदवार को कोरबा लोकसभा क्षेत्र का उम्मीदवार घोषित किया है। जिसके बाद लोकसभा क्षेत्र के स्थानिय उम्मरदवारो को झटका लगा है। जिससे उनकी मायूसी समझी जा सकती है। वही पर जातिय समीकरण भी भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ नजर आ रहा है। हालांकि नाम घोषित होने के बाद भाजपा उम्मीदवार सरोज पांडे ने लोक सभा के सभी विधानसभाओ का दौरा कर सभी बडे नेताओ से मिला है। इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ता खुश नहीं है।
बीजेपी ने अन्य संभाग के एक बड़े और कद्दावर नेता को उम्मीदवार बनाकर बडा दाव खेल यह संदेश देने की कोशिश की पार्टी आला कमान से बडा कोई नही है। लेकिन हकीकत में इसका नुकसान बीजेपी को हो सकता है। बीजेपी में बाहरी नेता को ज्यादा वरीयता देने से लाकेसभा क्षेत्र के भाजपाई मुंह फुलाए हैं।
ऐसे में बीजेपी की मुश्किल बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर जातिय समीकरण भी इनके पक्ष में जाता नजर नही आ रहा है। जिससे राजनिति के जानकार मोदी लहर के बावजूद कोरबा लोकसभा में कांग्रेस उम्मीदवार और वर्तमान सांसद ज्योत्सना महंत का पलडा भारी मान रहे हैं। उन्हे ओबीसी होने के साथ-साथ स्थानिय होने का भी फायदा मिल सकता है।
भाजपा के फैसले से अदंरुनी नाराजगी, कोरबा लोकसाभा पर बढ़ सकती है मुश्किलें
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