वैदिक होलिका दहन, पर्यावरण अनुकूल होली, टिकाऊ होली, होली 2024, गाय के गोबर से बनी होली किट, वैदिक होली के लाभ, प्रदूषण रहित होली दहन, होली दहन सुरक्षा, प्राकृतिक होली रंग के साथ मनाने की अपील करते हुए गौ पालक व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य रेवा यादव ने लोगो से अपील करते हुए कहा कि वैदिक होलिका दहन रंगों का जीवंत त्योहार होली खुशी और उल्लास लाता है। लेकिन इस उल्लास के बीच एक बढ़ती हुई चिंता भी है – पारंपरिक होलिका दहन (होलिका जलाने) का पर्यावरणीय प्रभाव। यहीं पर वैदिक होलिका दहन का चलन जोर पकड़ रहा है, जो त्योहार मनाने का अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल तरीका पेश करता है। गाय के गोबर की शक्ति बताते हुए रेवा यादव कहा कि वैदिक होली पूरी तरह से गाय के गोबर से तैयार की जाती हैं। लकड़ी के बजाय इन गोबर के उपलों को जलाने से न्यूनतम धुआं निकलता है और वातावरण में ऑक्सीजन निकलती है। इससे न केवल वायु प्रदूषण कम होता है बल्कि हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होकर आसपास की हवा भी शुद्ध होती है। गाय के गोबर के उपलों पर स्विच करके, हम वनों की कटाई को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपने मूल्यवान वृक्षों की रक्षा कर सकते हैं।
वैदिक होलिका दहन कर मानाये होली – रेवा यादव
Estimated read time
1 min read
You May Also Like
More From Author
Cancel reply
You must be logged in to post a comment.

+ There are no comments
Add yours