स्मार्टकार्ड घोटालेबाजो पर कोरिया कलेक्टर ने कार्यवाई का पत्र लिखा तो एमसीबी स्वास्थ्य विभाग ने मामला खत्म होना बताया……

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……… फर्जी तरिके से 12 हजार से अधिक केसो में 61 लाख लिया इंसेन्टिव

………. जिला परियोजना समन्वयक की सेवा समाप्ति व बीएमओ पर दाण्डिक कार्यवाई प्रस्तावित

……… जॉच के नाम पर मात्र 5 लाख की जुर्माना करा कर सभी को अपराध मुक्त कर दिया

पिछली सरकारो में सयुक्त कोरिया जिले के खडगवा में हेल्थ कार्ड धारकों से मिलीभगत कर सरकारी खजाने को जमकर चूना लगाया गया था। सरकारी अस्पतालों में दलालों और एजेंटों के साथ जिले के र्स्माट कार्ड अधिकारी और खडगवा के बीएमओ सहित अन्य लोगो पर आरोप लगे जिस पर अब तक किसी पर कोई कार्यवाई नही हुई। कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सेंगर से जब इसके सबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि चूकि अब अब एमसीबी नया जिला बन गया है और खडगवा सीएचसी उसी के अन्दर में आता है इसलिए हमने फाईल एमसीबी जिले के स्वास्थ्य विभाग के हवाले कर दिया है। इससे आगे की कार्यवाई उन्ही को करनी थी। जबकि उसमें सभी आरोपीयो पर कार्यवाई की बात कही गई थी। वही पर एमसीबी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मामला खत्म हुए एक साल से अधिक का समय बीत गया है। रायपुर के जाच दल ने सभी आरापीयो पर 5 लाख की पेनाल्टी किया जो इनके द्धारा जमा कर दिया गया है। इसलिए मामला अब खत्म हो गया है।

वही पर दूसरी ओर कलेक्टर कोरिया द्धारा दिनांक 14/08/2023 को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग रायपुर को मुख्यमंत्री भेट मुलाकात में प्राप्त आवेदन/जनचौपाल में 29 जून 2022 अंतर्गत जांच प्रतिवेदन में आवश्यक कार्यवाही के लिए पत्र लिखा था किन्तु मामले में आज तक कोई कार्यवाई नही की गई। जबकि मुख्यमंत्री जनचौपाल में मिले शिकायत के आधार पर जिला स्तरीय जांच दल द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत की गई थी जांच अधिकारियो द्धारा शिकायत सही होने की पुष्टि की गई है। जिसके बाद कलेक्टर कोरिया ने सभी आरोपीयो पर कार्यवाही की अनुशंसा का पत्र लिखा था।

जाच में अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु अनुशंसा की

जॉच अधिकारी ने लिखा कि शासन एवं विभाग की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत विकासखण्ड खड़गवां के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रोत्साहन राशि में हुई गड़बड़ी उपरांत जांच टीम द्वारा जानबूझकर कई महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर छुपाया गया है। इस पूरे प्रकरण में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी संबंधित स्टॉफ जिला स्तर से जिला परियोजना समन्वयक एवं राज्य नोडल एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित स्टॉफ के संलिप्तता के कारण राज्य नोडल एजेसी के उप संचालक एवं जांच दल के सदस्यों के विरूद्ध शासन स्तर से अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु अनुशंसा की जाती है। आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किया जा कर संस्था, विकासखण्ड, जिला एवं राज्य स्तर पर इसके कड़ाई से पालन हेतु प्रशिक्षण आयोजित कराया जाना एवं मॉनिटरिंग किये जाने हेतु अनुशंसा की जाती है।

फर्जी तरिके से 12 हजार से अधिक केसो में 61 लाख लिया इंसेन्टिव

जाच अधिकरियो ने पाया कि विकासखण्ड खड़गवां अविभाजित कोरिया जिला में एक व्यक्ति को कई स्वास्थ्य संस्थाओं से प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है एवं पदनाम बदलकर प्रोत्साहन राशि लिया गया। जो व्यक्ति कार्यरत नहीं है उनको भी प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया है। विकासखण्ड खड़गवा अंतर्गत संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सह खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. कुजूर के द्वारा शासन एवं विभाग अंतर्गत संचालित योजना के दिशा-निर्देशों के विपरीत अनुचित ऑर्थिक लाम हेतु स्वास्थ्य संस्था के स्तर (प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र) कर्मचारियों को पदनाम उसके वास्तविक पदनाम से भिन्न किया जा कर नियम विरूद्ध अधिक एवं अनुचित प्रोत्साहन राशि का ऑनलाईन वितरण किया गया । कर्मचारी का पदनाम उसके वास्तविक पदनाम से भिन्न होने पर इंसेन्टिव केस इनीसिएट करने वाले ऑपरेटर पर संस्था प्रभारी के द्वारा इस पर आपत्ति/कार्यवाही नहीं की गई। इंसेन्टिव केस इनीसिएसन पश्चात अस्पताल प्रभारी के लॉगिन से केस को अनुमोदन किया जाना होता है। कर्मचारी का पदनाम उसके वास्तविक पदनाम से भिन्न होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खडगवां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सह खण्ड चिकित्सा अधिकारी के द्वारा आपत्ति/कार्यवाही नहीं किया गया । डॉ. एस कुजुर के द्वारा 02 अलग-अलग पदनाम से क्रमशः मेडिकल ऑफिसर अंतर्गत 6625 एवं पी.जी.एम.ओ. अंतर्गत 02 प्रकरण कुल-6627 केस का इंसेन्टिव कुल राशि रू. 6115960 प्राप्त किया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयुष्मान योजना अंतर्गत इतनी बड़ी राशि के इंसेन्टिव का अनुचित लाभ लेने के लिए स्वयं डॉ. कुजूर जो संस्था के प्रभारी है के द्वारा विकासखण्ड अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत शासन एवं विभाग के कड़े निर्देशों का उल्लघंन करते हुए अत्यधिक संख्या में कर्मचारियों को संलग्नीकरण किया गया है।
रामकरण साहू (नेत्र सहायक) के द्वारा अलग-अलग पदनाम ऑप्थेलमिक एसिस्टेंट एवं आई असिस्टेंट के रूप में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां में 6349 प्रकरण के इंसेन्टिव की राशि रू. 1332494. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिरमी में 70 प्रकरण के इंसेन्टिव की राशि रू. 9954, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बड़ेसाल्ही, में 27 प्रकरण के इंसेन्टिव की राशि रू. 3441 एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रतनपुर में 09 प्रकरण के इंसेन्टिव की राशि रू. 1459 नियम विरूद्ध अनुचित ऑर्थिक लाभ प्राप्त किया गया है। इस प्रकार अलग-अलग पदनाम दर्शा कर राशि प्राप्त किया जाना अपराधिक कृत्य को दर्शाता है। इसलिए डॉ. कुजूर व रामकरण साहू, ने सहायक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं शासकीय सेवा में रहते हुए शासन एवं विभाग के महत्वाकांक्षी योजना में गलत तरीके से ऑर्थिक लाभ लेने के कारण शासन को वित्तीय हानि भी हुई इसलिए अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की अनुशंसा की गई।

जिला परियोजना समन्वयक की सेवा समाप्ति व दाण्डिक कार्यवाई प्रस्तावित

जाच में पाया गया कि जिला स्तर पर डॉ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना संबंधित पोर्टल की लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम पर जारी होती है। जिसे जिला परियोजना समन्वयक उज्जवल सिन्हा के द्वारा तात्कालिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के संज्ञान के बिना समय-समय पर परिवर्तित करना स्वीकार किया । जाच के दौरान परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ है कि जिला परियोजना समन्वयक के द्वारा पोर्टल में ऑनलाईन जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद भी अलग से टाईप कराकर पोर्टल मे ऑनलाईन जानकारी से गलत उपलब्ध अधिकरियो को दी गई। जो कुट रचना की श्रेणी में आता है। जिला परियोजना समन्वयक का यह कृत्य विकासखण्ड खड़गवां अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खड़गवां में कार्यरत स्टॉफ को आयुष्मान योजना अंतर्गत नियम विरूद्ध प्रोत्साहन राशि के ऑनलाईन वितरण में संलिप्तता को प्रदर्शित करता है। इसलिए उज्जवल सिन्हा, जिला परियोजना समन्वयक की संविदा सेवा समाप्ति योग्य है एवं दाण्डिक कार्यवाही प्रस्तावित की गई।

क्या बोले जिम्मेदार……..

कांग्रेस सरकार में किए गए भ्रष्टाचार की एक-एक परतें प्याज के छिलके की तरह उधेड़े जाएंगे और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार है उन्हें बक्सा नहीं जाएगा । हमारी सरकार ने चुनाव पूर्वी प्रदेश की जनता से यह वादा किया था कि सभी भ्रष्टाचारियों को काल कोठरी के पीछे भेजा जाएगा । सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।

भैया लाल राजवाड़े – पूर्व मंत्री एवं विधायक बैकुंठपुर

मुख्यमंत्री जनचौपाल में मिले शिकायत के आधार पर जिला स्तरीय जांच दल द्वारा जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत की गई थी जांच अधिकारियो द्धारा शिकायत सही होने की पुष्टि की गई है। जिसके बाद सभी आरोपीयो पर कार्यवाही की अनुशंसा का पत्र लिखा था।

विनय कुमार लंगेह – कलेक्टर कोरिया

कोरिया जिले के बंटवारे के बाद खडगांव एमसीबी जिले का हिस्सा बन गया । इसलिए हमारे द्वारा जांच की फाइल मनेेंद्रगढ़ जिले के स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया । जो भी कार्रवाई होनी है अब मनेेंद्रगढ़ जिले के स्वास्थ्य विभाग को करना है ।

डॉ. आर. एस. सेंगर – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरिया

मामला खत्म हुए एक साल से अधिक का समय बीत गया है। रायपुर के जाच दल ने सभी आरापीयो पर 5 लाख की पेनाल्टी किया जो इनके द्धारा जमा कर दिया गया है। इसलिए मामला अब खत्म हो गया है।

डॉ. सुरेश तिवारी – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एमसीबी

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