बैकुंठपुर में 60 फिसद कम बारिश ने बढाई किसानो की चिंता

बैकुंठपुर शहर में लंबे अंतराल के बाद गुरुवार को मौसम में बदलाव आया है। सुबह से तेज धूप निकली रही और दोपहर में अचानक आसमान में काले बादल छा गए। कुछ देर बाद ही आधे घण्टे की तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम बदलने से लोगों को तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है।
दरअसल, जुलाई के महीने में इस बार बहुत कम बारिश रिकार्ड की गई। जून के अंतिम सप्ताह से बाद जिले में बारिश का दौरा थम गया था। पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने से दिन और रात के तापमान में लगातार वृद्धि रिकॉर्ड की जा रही है। गुरुवार को दिन का तापमान 34 डिग्री और रात का तापमान 25 डिग्री रिकार्ड किया गया।
गुरुवार मौसम में आए बदलाव से दिन का तापमान में कोई परिर्वतन तो नही आया पर उमस और चिपचिपाती गर्मी से थोडा राहत मिली। आसमान में बादल छाने और बारिश के चलते तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। हालांकि कम मात्रा में बारिश होने से तापमान में कोई कमी नहीं आई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनो में क्षेत्र के उपर बने सिस्टम के कारण तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा आगामी दो-तीन दिनों तक अच्छी बारिश की उम्मीद है।

बैकुंठपुर में 60 फिसद कम बारिश

01 जून से 10 जुलाई तक के आंकडो में भू अभिलेख शाखा ने बताया कि जिले के चारों तहसीलों में अब तक 177 एमएम वर्षा हुई है जबकि चारों तहसीलों की बात करें तो बैकुंठपुर तहसील में 01 जून से अब तक मात्र 99.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जबकि विगत 10 वर्षों में हुई वर्षा के हिसाब से 60 फिसद कम हुई है । जिसे किसानो के लिए चिंताजनक कहा जा सकता है। जबकि सोनहत तहसील में 175 मिली मीटर वर्षा हुई जोकि 40 फिसद कम है वहीं पर पटना तहसील में 320 मिमी वर्षा हुई है जोकि की औसत वर्षा के 30 फिसद अधिक है जबकि पोडी बचरा तहसील में 112 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो 48 फिसद कम है। जिले के चारों तहसीलों में मिलाकर 30 फिसद कम बारिश हुई है।

खरीफ फसल बीमा 31 तक

उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ वर्ष 2024 हेतु बजाज एलियांज कंपनी को राज्य शासन द्वारा अधिकृत किया गया है। फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 निर्धारित की गई है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की है कि प्राकृतिक व स्थानीय आपदा, कीट, बीमारियों से होने वाले नुकसान तथा फसल कटाई उपरांत होने वाले नुकसान से बचाव के लिये अधिसूचित फसलों का बीमा अवश्य करावें।
उप संचालक ने बताया है कि अधिसूचित फसलों में धान सिंचित, धान असिंचित, उड़द, मूंग, मूंगफली, कोदो, कुटकी, मक्का, अरहर, रागी एवं सोयाबीन शामिल है। इन फसलों का प्रति हेक्टेयर, प्रीमियम राशि धान सिंचित 1000, धान असिंचित 800, उड़द 440, मूंग 440, मूंगफली 840, कोदो 320, कुटकी 170, मक्का 700, अरहर 600, रागी 150 एवं सोयाबीन 300 रुपये निर्धारित किया गया है। ऋणी कृषकों द्वारा सहमति पत्र भरकर संबंधित समिति, बैंक से फसल बीमा करवा सकते है। अऋणी कृषक ग्राहक सेवा केन्द्रों अथवा फसल बीमा पोर्टल पर स्वयं फसल बीमा करवा सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिये जिले के कृषक भाई नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र, बैंक शाखा, अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा टोल फ्री नम्बर 1800-209-5959 पर सम्पर्क कर सकते है।

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