बैकुन्ठपुर के प्रेमाबाग शिव मंदिर प्रांगण से गेज नदी से जल भरकर छुरीगढ धाम तक कांवड़ में जल लेकर सावन के तीसरे सोमवार को भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने कावड़िया जायेगे। देवराहा बाबा समिति के अध्यक्ष शैलेश षिवहरे ने बताया कि बैकुन्ठपुर से 13 किलोमीटर दूर स्थित छूरीगढ़ धाम तक लगभग पैदल जायेगे। इस बार कावड़ यात्रा का महत्व और बढ़ गया था इसी के मददेनजर पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध पहले से किये जायेगे। गौरतलब हो कि सावन का महीना हिन्दूओ में अपनी विशेष पहचान रखता है। इस दौरान व्रत, दान व पूजा-पाठ करना अति उत्तम माना जाता है । जिले में सावन की तीसरी सोमवारी पर क्षेत्र के विभिन्न शिवालयो में भक्तो ने शिवालयो में जाकर जलाभिषेक किया । बैकुन्ठपुर के शिव मंदिर के अलावा छुरीगढधाम, एसईसीएल शिव मंदिर, रमदईया धाम, जमगहना शिव मंदिर के अलावा जनकपुर के चांगमाता मंदिर, कटगोडी के शिव मंदिर, विभिन्न शिवालयों में हजारों की संख्या में भक्तो ने अपने अराध्य प्रभु भगवान भोलेनाथ के दर्शन का लाभ लेगे।

चौथे सोमवार 51 हजार शिव लिंगो की होगी पूजा

सावन के माहिना शिव भक्तो के लिए हमेशा से ही विषेश रहा है। इस बार देवराहा बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष शैलेश शिवहरे ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी चौथे सोमवार को शिव मंदिर प्रागण में ही आचार्य सुरेशानन्द महाराज द्धारा 51 हजार शिव लिंगो को निर्माण पवित्र काली मिटटी से किया जायेगा। जिसे बाद में विधि विधान से पूजा आदि करने के उपरान्त जल में विर्सजन कर दिया जायेगा। वही पर प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिर प्रांगण में भोग भंडारे का आयोजन कराया जा रहा है।

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