नायब तहसीलदार के आवेदन पर दर्ज की गई एफआईआर
बैकुंठपुर।
जमीनो की खरीदफरोख्त में किस कदर धांधली की जाती है इसका उदाहरण सामने आया है सरगुजा संभाग में पिछले 10 वर्षो में बैकुंठपुर में सबसे अधिक फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधडी कर जमीन बेचने के मामले सामने आये हैं। जहा बडे नामचिन बिल्डरो से लेकर दोनो प्रमुख दलो बडे नेताओ के गोरखधंघे सामने आ चुके हैं। वर्तमान मामले में आवेदक ब्रिगेडियर जितेन्द्र सिंह, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर, केंद्रीय संगठन ईसीएचएस, एडजुटेंट जनरल की शाखा, रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय, थिमैया मार्ग, गोपीनाथ सर्कल के पास, दिल्ली कैंट द्वारा अपने अर्द्धशासकीय पत्र के माध्यम से ग्राम बचरा, तहसील पोड़ी बचरा में स्थित भूमि खसरा नंबर 552, 553 (रकबा क्रमशः 0.07, 1.95 हेक्टेयर) की फर्जी रजिस्ट्री के संबंध में कलेक्टर बैकुंठपुर, जिला कोरिया को शिकायत प्रस्तुत की गई थी।

इस शिकायत की जांच नायब तहसीलदार पोड़ी बचरा, माधुरी आंचल द्वारा की गई, जिसमें यह पाया गया कि भूमि स्वामिनी चन्दा सिंह की मृत्यु के पश्चात, उनकी भूमि को सविता कुण्डु द्वारा फर्जी तरीके से विक्रय कर नामांतरण कराया गया था। इस भूमि की पुनः बिक्री भी की गई और वर्तमान में यह 13 व्यक्तियों के नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। जांच में तात्कालिक उप पंजीयक अंबिकापुर, रजिस्ट्री और नामांतरण प्रकरण के गवाह, उनके अधिवक्ता और अवैध तरीके से भूमि क्रय-विक्रय करने वाले व्यक्ति दोषी पाए गए।
कलेक्टर कोरिया द्वारा दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश तहसीलदार दिए गए थे। निर्देश के अनुपालन में, नायब तहसीलदार द्वारा लिखित आवेदन पत्र पेश करने पर पुलिस अधीक्षक कोरिया के निर्देश पर चौकी प्रभारी पोड़ी बचरा द्वारा 16.09.2024 को पुलिस चौकी पोड़ी बचरा में दोषियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया है। नायब तहसीलदार के लिखित आवेदन पर विक्रेता, खरीददार, रजिस्ट्री के गवाह, उप पंजीयक और घटना में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471, 34 भादवि के तहत मामला पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

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