रायपुर की जाच टिम ने किया पटना सीएचसी केन्द्र का जाच
एक सप्ताह के भीतर पहले जिला फिर राज्यस्तरिय जॉच से झलक रही शासन की गंभीरता
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में दिसंबर एवं जनवरी माह में हुए मोतियाबिंद के ऑपरेशन में चार लोगों की आंखों की रोशनी जाने के बाद इसकी जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय नजर आ रही है। गत दिवस रायपुर से दो सदस्य जांच दल ने कोरिया जिले के पटना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर पिडितो से मुलाकात कर उनके आंखों का परीक्षण व उनके बयान दर्ज किए गए । इस दौरान जांच दल ने पटना बीएमओ सहित सभी के बयान भी दर्ज किये। जबकि रायपुर से आई जांच दल के कई सवालों का जवाब देने में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सहित पूरी टीम बगले झाकते नजजर आई।
जांच दल ने जब असफल ऑपरेशन की जिम्मेदारों से सवाल किया कि आपने ऑपरेशन कक्ष कितनी बार सेनीटाइज कराया। इस बात का जवाब इन लोगों के द्वारा यह दिया गया कि ऑपरेशन के पहले हमने ऑपरेशन कक्ष को सेनीटाइज कराया था जबकि शासन के तय नियमों के अनुसार प्रत्येक ऑपरेशन के पहले ऑपरेशन कक्ष सहित सभी सामानों को सेनेटाइज करना था। किंतु इन जिम्मेदारों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के तय मापदंडो का पालन नही किया गया। जिसका परिणाम हुआ कि चार लोगों ने अपने आंखों की रोशनी गवॉ दी ।
शासन के निर्देशो का पालन होगा
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि जांच दल के द्वारा अपनी आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली गई है वहीं पर इस संबंध में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाना है शासन से जो भी दिशा निर्देश देगा उसका पालन कराया जाएगा।
चार दिनो के अंतराल में दूसरी बडी जाच
गौरतलब हो कि पिछले सप्ताह मोतियाबिंद के असफल आपरेशन का मामला प्रकाश में आने के बाद शासन के कोरिया कलेक्टर को जाच के लिए कहा था जिसकी जाच हो भी चुकी है। वही पर उसके 04 दिन के बाद शासन ने राज्यस्तरिय जाच दल मौके पर भेज दिया । जिससे मामले की गंभीरता साफ नजर आ रही है। अब देखना होगा कि शासन से इस पर क्या कार्यवाई की जाती है। जिससे साफ कहा जा सकता है कि क्सिी बडी कार्यवाई से पहले शासन अपनी सारी दूविधाऐ दूर कर लेना चाहता है।

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