कायम रही आजादी के बाद से चली आ रही परंपरा, रनई में इस बार भी नही डलेगा वोट

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कोरिया जिले के रनई ग्राम पंचायत से सरपंच पद का एक मात्र नामांकन

बैकुंठपुर।

छत्तीसगढ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली रनई ग्राम पंचायत में आजादी के बाद से अब तक चुनाव नहीं हुए हैं। यही परंपरा इस बार भी कायम नजर आ रही है। एक बार फिर से रनई जमींदार परिवार योगेश शुक्ला के नेतृत्व में आपसी सहमति से सरपंच का चुनाव कर लिया हहै। इसके लिए आज जनपद बैकुंठपुर में रनई ग्राम पंचायत चुनाव के लिए एम मात्र नामांकन पत्र दाखिल किया ।

कांग्रेस के पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला ने बताया कि ग्राम पंचायत रनई में सरपंच, उप सरपंच और सभी पंच आपसी सहमति व सामंजस्य से एक ही जगह पर बैठकर तय होते रहे हैं और इस बार भी पुरानी परंपरा अनुसार नाम तय होने के बाद मात्र एक ही सेट नामांकन जमा किया गया हैं और आरक्षण के हिसाब से यहां सभी पदों पर निर्वाचन हो जाता है।

जारी रही है परंपरा

श्री शुक्ला बताते हैं कि हमारे गांव में परंपरा को कायम रखते हुए निर्विरोध चुनाव कराते हैं गांव में कोई भी समस्या हो, सभी मिलकर समस्या का समाधान करते हैं। गांववालों के सहयोग और आपसी सामंजस्य से यहां हमेशा निर्विरोध चुनाव होते हैं ग्राम पंचायत रनई की जनसंख्या 1825 हैं, जिसमें करीब 1500 मतदाता हैं। वर्तमान में यहां से सरपंच पद के लिए बबीता ठाकुरिया के नाम की सहमति के बाद आज ग्राम पंचायत से एकमात्र नामांकन पत्र दाखिल किया गया है। गांव के लोग आपसी वैमनस्य को दूर करने आपस में मिलकर सरपंच का चुनाव करते हैं। आजादी के बाद से अब तक यहां लोग एकता का संदेश देते हुए चुनाव नहीं होने देकर रनई गांव ने छतीसगढ़ में एक मिसाल पेश की है।

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