तालिबानी सजा…….बेहोश होने पर भी गुण्डो को नही आई दया, लातो से पीटा, सडक पर घसीटा…..पुलिस आई और युवक को अस्पताल में कराया भर्ती, नही किया मामला दर्ज…..कोतवाली से महज कुछ दूरी पर हुआ वारदात

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बैकुंठपुर।

01, दो दिन पहले प्रकाशित खबर

02, बस स्टेंड बैकुंठपुर, कोरिया

03, शौचालय के सामने बेहोशी में युवक को घसीटा

04, बेहोशी की अवस्था में युवक को पीटते गुण्डे

कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर का बस स्टैंड इन दिनो सामाजिक तत्वों के साथ-साथ गुंडागर्दी का केंद्र बन गया है। जहां सरे आम लोगों को तालिबानी सजा दी जाती है और लोग खड़े होकर तमाशा देखते रहते हैं। ऐसी एक घटना मंगलवार की रात 11 बजे सामने आई जब एक 30 वर्षीय युवक जिसका नाम आयुश की पिटाई का मामला सामने आया है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। बैकुंठपुर सीटी कोतवाली से महज कुछ दूरी पर गुण्डो ने एक युवक को बीच सड़क पर बेरहमी से मारा-पीटा। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद मामला प्रकाश में आया। घटना के वक्त सड़क पर कई लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी युवक को बचाने का प्रयास नहीं किया। इस मामले में अभी तक पुलिस थाने में कोई भी शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

फुटेज में युवक को बस स्टैंड के पीछे मोहल्ला बस्ती गढनिया के कुछ लोग पीटते हुए साफ नजर आ रहे । इस दौरान आसपास के लोग खड़े होकर तमाशा देखते रहे किंतु किसी ने उस युवक को बचाने की कोशिश नहीं की और लगभग आधे घण्टे तक गुण्डे युवक की पिटाई करते रहे । लात घुसो से इस कदर युवक की पिटाई की गई कि युवक बेहोश होकर बस स्टैंड प्रतीक्षालय के शौचालय वाली गेट के सामने सड़क पर गिर गया । तब भी गुण्डो का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने युवक पर लात मारना जारी रखा।

इसके बाद बस स्टैंड से गढ़निया जाने वाले रास्ते की ओर उसे पहले घसीट कर लाया फिर कंधे पर लाद कर लाया गया । जहां उसका पूरा शरीर सीसी सड़क पर रगड़ हुआ साफ देखा जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार इन्हीं गुंडो के द्वारा सिटी कोतवाली बैकुंठपुर में फोन कर उसे सिपाहियों को बुलाया गया एवं इस युवक को बेहोशी की अवस्था में पुलिस के हवाले कर दिया । जहां पर पुलिस ने भी अपनी जिम्मेदारी युवक को जिला अस्पताल पहुंचाकर पूरी कर दी।

बताया जा रहा है कि बीती रात युवक के साथ जिस तरीके से गुण्डो ने बरताव किया उससे डरा सहमा युवक को जब होश आया तो वह सुबह जैसे तैसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर से भाग निकलने में ही अपनी भलाई समझा। घटना का खौफ इस कदर युवक के मन में समा गया कि उसने अपना इलाज भी कराना उचित नहीं जाना । इस पूरी वारदात में जहां गुंडो के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं वहीं पर गुंडो पर पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण भी साफ नजर आ रहा है। मोहल्ले के कुछ लोगों के द्वारा बताया गया कि वह युवक पटना का रहने वाला है एवं शराब की तलाश में बस स्टैंड के पीछे पहुंचा था। जहां पर उसे शराब भी मिल गई एवं उसे शराब विक्रेताओं के द्वारा कहा गया कि वह सीढ़ी पर बैठकर शराब पी लो।

इस दौरान वही वक्त सीढ़ी पर ना बैठकर उसके छत पर चला गया और जहां बैठकर वह शराब पीने लगा । इसी बात से नाराज होकर शराब विक्रेताओ ने पहले तो उसके घर में ही उसकी जमकर मरम्मत किया। जैसे तैसे वहां से छूटकर भागने लगा तो उसके उसको दौड़ा कर 4 से 5 लड़कों ने उसे बस स्टैंड के पहले गेट पर पकड लिया। युवक को दोबारा वहां से पीटते पीटते बस स्टैंड के पीछे गढनिया गली तक ले गये। सीसीटीवी विडियो में युवक को सड़क पर बोरी की तरह घसीटते हुए भी देखा जा सकता है एवं युवक मूर्छित अवस्था और गिरा हुआ देखा जा सकता है। बावजूद इसके भी गुण्डो को थोड़ा भी बेहोश युवक पर दया नहीं आई वहीं पर पुलिस ने भी अस्पताल पहुंच कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली । बेहतर होता कि इस मामले का जांच किया जाता है एवं दोषियों को इसके लिए सजा दी जाती।

गढनिया अवैध शराब बिक्री का अडडा, नही रोक

लगातार यह देखने में आ रहा है कि बस स्टैंड शाम ढलते हैं और सामाजिक और आपराधिक गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा है इस पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है वहीं पर पीछे की गढनिया बस्ती में खुलेआम शराब बिकने के कारण इस तरीके की वारदातें लगातार बढ़ती जा रहे हैं थाने से महज 100 मीटर दूरी के बावजूद भी गढ़निया में 5 से 6 शराब विक्रेताओं पर रोक नहीं लग पा रहा है जिस कारण आए दिन गुंडागर्दी वह मारपीट की वारदातें सामने आ रही है । अब तालिबानी हरकत ने पुलिस की कानून व्यवस्था पर सवाल ही खडा कर दिया है अपराध कोई भी हो क्या अब इस तरह से लोगो को सजा देने की छूट दी जा सकती है। बेहतर होता थाने के नाक के नीचे चल रहे अवैध शराब बिक्री पर पुलिस नियंत्रण लगाती और अपनी पीठ थपथपाती।

गुंडों ने मिलकर युवक को दी तालिबानी सजा

वायरल हो रहे सीसीटीवी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चार से पाच लोग मिलकर युवक को जमीन पर गिराकर उसे लात-घूंसों से पीट रहे हैं। युवक बदमाशों से रहम की भीख मांगता नजर आ रहा है लेकिन उसकी मदद करने वाला कोई नहीं था। पुलिस यदि मामले को संज्ञान लेते हुए पीड़ित युवक को अपने निगरानी में रख होश आने पर उससे पूछताछ करती तो बहुत कुछ सामने आ सकता था। यदि कानून व्यवस्था को जिले में यही हाल रहा तो समाज को तालिबान बनने से नही रोका जा सकता है।

असामाजिक तत्वों और नशेडिय़ों से मुक्त हो बस स्टैंड

बैकुंठपुर के समाजिक संगठनो और जानकारो का कहना है कि कोरिया जिला स्थापना के बाद जनता के हितार्थ बैकुंठपुर में नये बस स्टेंड को बने 15 साल से अधिक हो गए, लेकिन वर्तमान में अवैध रूप से हॉकरों, असामाजिक तत्वों और नशेडिय़ों का कब्जा मुक्त नहीं हो सका। आये दिन आम बस यात्री और आम जनता गुंडागर्दी का शिकार हो रहे हैं। आम यात्रियों से अत्यधिक राशि किराये के रूप में ले जाती है यात्रियों को उनके गंतव्य तक नहीं पहुंचाया जाता है, जबकि पूरा किराया वसूल कर लिया जाता है, जोकि किराये से डेढ़ गुना अधिक होता है। बस के मार्ग से भी अधिक भिन्न मार्ग का किराया ले लिया जाता है आगे की यात्रा के लिये आम यात्रियों को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है।

क्या बोले जिम्मेदार…..

आपके द्धारा बताया गया है। मैं मामले को देखवाता हॅू। जो भी दोशी होगे उन पर कार्यवाई की जायेगी। किसी को भी अधिकार नही वो खुद से सजा देने लगे। सजा देने का कार्य न्ययालय का है। गैर कानूनी कार्य करने वालो पर कार्यवाई जायेगी।

योगेश पटेल – एडिशनल एसपी बैकुंठपुर कोरिया

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