नये आपराधिक कानूनों को लेकर कलेक्टर-एसपी सख्त, अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश…..पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देरी पर नाराजगी, वीसी सुविधा बढ़ाने और समयसीमा में चालान प्रस्तुत करने के निर्देश

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बैकुंठपुर।

जिले में लागू हुए नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रक्षित केंद्र बैकुंठपुर के सभा कक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट चन्दन त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने संयुक्त रूप से की।

बैठक में कलेक्टर ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 1 जुलाई 2024 से लागू हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन कानूनों की गहन जानकारी प्राप्त करें, ताकि इनका क्रियान्वयन प्रभावी रूप से किया जा सके।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में 4 प्रकरण 90 दिन से अधिक पुराने हैं जबकि 241 प्रकरण 90 दिनों के भीतर निपटाए जाने योग्य हैं। उन्होंने सभी विवेचना अधिकारियों को शीघ्र चालान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने 115 लंबित रिपोर्टों को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन को फटकार लगाई और तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही बचरा पोड़ी में किसी अनुपयोगी शासकीय भवन को पोस्टमार्टम केंद्र के रूप में उपयोग में लाने की बात तथा बचरा पोड़ी में ही शव वाहन व्यवस्था करने की बात कही। बैठक में जिले के सभी शासकीय कार्यालयों व सभी बैंको में वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट पेशी, ऑनलाइन एफआईआर और जीरो एफआईआर जैसे तकनीकी उपायों को मजबूती देने पर चर्चा की गई।

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि एफआईआर की सूचना कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को समय पर दी जाए तथा सभी मजिस्ट्रेट नए कानूनों और अपनी जिम्मेदारियों से भलीभांति परिचित रहें। बड़गांव और मोदीपारा के पटवारियों द्वारा नक्शा-पंचनामा नहीं दिए जाने पर संबंधित तहसीलदार को पटवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे ने कहा कि नए कानूनों के तहत प्रत्येक अपराध के लिए 60 से 90 दिनों के भीतर चालान प्रस्तुत करना अनिवार्य है। साथ ही, अब प्राथमिक शिकायत किसी भी थाना क्षेत्र में दर्ज करवाई जा सकती है, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा। उन्होंने जुर्माने की राशि में वृद्धि और प्रक्रियात्मक सुधारों की भी जानकारी दी।

बैठक में अपर कलेक्टर अरुण कुमार मरकाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, बैकुंठपुर एसडीएम दीपिका नेताम, एसडीओपी श्याम मधुकर, राजेश साहू के अलावा अभियोजन अधिकारी, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, डीआईओ, तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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