धरती आबा के लिए जिले के 154 गांवों का हुआ है प्रारंभिक चयन….15 जून से 30 जून तक विशेष शिविरों का होगा आयोजन

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बैकुंठपुर।

जिला कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत धरती आबा अभियान जागरूकता और लाभ संतृप्ति शिविरश् 15 से 30 जून तक चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर के आदिवासी क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और व्यक्तिगत लाभों की पूर्ण पहुंच सुनिश्चित करना है। जिन गांवों में 50 फीसदी या 500 से ऊपर आदिवासी आबादी है वो श्धरती आबाश् के लिए चयन किए गए हैं। कोरिया जिले के ऐसे 154 गांवों का प्रारंभिक चयन सूची अनुसार गैप आइडेंटिफिकेशन का कार्य कराया गया है। श्रीमती त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

शिविरों में मिलेंगे ये लाभ

कलेक्टर ने बताया कि संतृप्ति मोड में हर विभाग द्वारा पात्रतानुसार सर्वे करवाया गया है तथा 15 जून से 30 जून तक चलने वाले शिविर में शासन के निर्देश पर वयोवृद्ध कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री जन धन खाता, जीवन बीमा, वृद्धावस्था/ विधवा /दिव्यांग पेंशन, मनरेगा, मुद्रा लोन, पीएम विश्वकर्मा योजना, मातृ एवं शिशु कल्याण हेतु टीकाकरण, आंगनबाड़ी लाभ आदि सेवाएं दी जाएंगी।

विभागीय समन्वय और डिजिटल सेवाएं

अभियान में स्वास्थ्य, खाद्य, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, कृषि, राजस्व, पंचायत और अन्य विभागों का समन्वय किया गया है। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से आधार, ई-केवायसी और दस्तावेज़ीकरण की सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

जन सहभागिता और निगरानी व्यवस्था

विभाग के समन्वय एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से लाभार्थियों की पहचान और जागरूकता फैलाई जा रही है।घर-घर संतृप्ति कार्ड तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। सभी शिविरों की निगरानी के लिए एक विशेष रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित की गई है, जिससे लाभार्थियों की वास्तविक समय में जानकारी एकत्र की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। यह अभियान भारत को सशक्त और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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