बैकुंठपुर में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट……..लोग परेशान
किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती……निर्माण कार्य और ठेकेदारी व्यवसाय भी प्रभावित
बैकुंठपुर।
जिले में पिछले एक माह से पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बनी हुई है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जिला मुख्यालय के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। बुद्धवार को एक पेट्रोल पंप पर डीजल भरवाने के लिए लंबी लाइन देखने को मिली। इस संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों, परिवहन व्यवसायियों, ठेकेदारों और छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है, जिनका कामकाज ईंधन की कमी के कारण प्रभावित हो रहा है।

लंबी लाइन के बाद भी नहीं मिल रहा तेल
बैकुंठपुर जिला मुख्यालय में कुल आठ पेट्रोल पंप संचालित हैं, मिली जानकारी की माने तो बुद्धवार को शहर की स्थिति यह रही कि एक समय में केवल एक ही पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हो पा रहा है। बाकी पेट्रोल पंपों पर अक्सर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं के बोर्ड लगे दिखाई देते हैं। परिणामस्वरूप उपलब्ध पंप पर भारी भीड़ उमड़ रही है बुद्धवार को महलपारा के पेट्रोल पंप में डीजल पहुंचने की सूचना मिलते ही लोग अपने वाहन लेकर लाइन में लग गए।
किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती
डीजल संकट का सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच खेतों में जुताई, बुवाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टरों का उपयोग किया जाता है। लेकिन डीजल नहीं मिलने के कारण कई ट्रैक्टर खड़े हो गए हैं। किसानों का कहना है कि समय पर खेतों की तैयारी नहीं हो पाने से खेती प्रभावित हो रही है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो आगामी कृषि सीजन पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
निर्माण कार्य और ठेकेदारी व्यवसाय भी प्रभावित
डीजल की कमी का असर निर्माण कार्यों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सड़क, भवन और अन्य विकास कार्यों में उपयोग होने वाली जेसीबी मशीनें और अन्य भारी वाहन डीजल के अभाव में बंद पड़े हैं। ठेकेदारों का कहना है कि मशीनों के ठप होने से निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ गई है कई परियोजनाओं में देरी होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
परिवहन और व्यापार पर भी संकट
डीजल संकट के कारण परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है मालवाहक वाहनों को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा है, जिससे सामानों की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है। सब्जी विक्रेताओं और व्यापारियों का कहना है कि माल ढुलाई प्रभावित होने से बाजारों में सामान पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। इससे व्यापारिक गतिविधियां धीमी पड़ रही हैं और छोटे व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक ही पेट्रोल पंप पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा होने के कारण व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौती बन गया है। लोगों में डीजल प्राप्त करने की होड़ के चलते अव्यवस्था की स्थिति भी निर्मित होने की संभावना बन गइ है।




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