बैकुंठपुर जिला करागार में बंद 35 कैदी बाहर निकल चालाऐंगे फास्ट फूड स्टॉल

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पुनर्वास की दिशा में सराहनीय पहल…..आरसेटी के सहयोग से स्वरोजगार हेतु दिया गया व्यावसायिक प्रशिक्षण

बैकुंठपुर।

जिला जेल बैकुंठपुर में सजा काट रहे बंदियों को पुनर्वास एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेल मुख्यालय एवं शासन के निर्देश पर कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस क्रम में आरसेटी, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से लघु उद्यमी (फास्ट फूड स्टॉल) का प्रशिक्षण जुलाई से प्रारंभ किया गया, जिसमें 35 बंदीगणों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान आरसेटी की प्रशिक्षक नेमा पटेल द्वारा बंदियों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड व्यंजन तैयार करना, व्यावसायिक दक्षता, ग्राहक सेवा एवं गुणवत्ता से संबंधित जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर 19 जुलाई को सभी 35 बंदियों का मूल्यांकन किया गया। सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर आरसेटी डायरेक्टर महती बनरा, मूल्यांकनकर्ता सुरोजित गुहा एवं राजेश्वरी अग्रवाल, फैकल्टी पूनम यादव, सहायक जेल अधीक्षक एस.के. आबिद रजा एवं जेल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जेल प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपराधमुक्त जीवन जीने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यह प्रयास बंदियों के पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक और प्रभावी पहल के रूप में सामने आया है।

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