गौ विज्ञान परीक्षा के द्धितिय चरण में 112 छात्र हुए शामिल, चयनित छात्र तृतीय चरण के परिक्षा का आयोजन रायपुर में
बैकुंठपुर ।
छत्तीसगढ़ गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा की द्धितिय चरण की परीक्षा चार जनवरी को कोरिया जिले में संपन्न हुई। संभागिय परीक्षा प्रभारी व गौसेवा के जिलाध्यक्ष रेवा यादव ने स्कूल पहुंच कर परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। विदित हो कि इससे पूर्व प्रथम चरण के परीक्षा परिणाम 10 जनवरी को विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर प्रत्येक श्रेणी में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को 11 जनवरी 2025 के बाद जिला स्तर पर आयोजित गौ सेवा संगम के कार्यक्रम में सम्मानित किया जा चुका है।
श्री यादव ने बताया कि द्धितिय चरण में कोरिया जिले के 112 चयनित प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हें जबकि प्रथम चरण में सरगुजा संभाग से 50 हजार प्रतिभागियो ने हिस्सा लिया था। उन्होने बताया कि, यह परीक्षा विशेष रूप से गौवंश के महत्व, संरक्षण और उनकी देखभाल के विषय में ज्ञानवर्धन के लिए आयोजित की गई है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता और गौवंश के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव उत्पन्न करना है। विद्यार्थियों को गौ संरक्षण और पालन पोषण के समस्त विषय में शिक्षा देना आवश्यक है, ताकि वे समाज में इसका महत्व समझ सके और भविष्य में इस दिशा में कार्य कर सकें। यह परीक्षा छात्रों को गौ पालन की वैज्ञानिक जानकारी और पर्यावरणीय प्रभावों से अवगत कराएगा। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने जीवन में गौ संरक्षण की भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।
पुरस्कार और सम्मान
इस परीक्षा में प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष प्रतिभागियों में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को ₹51,000, द्वितीय स्थान पर ₹31,000 और तृतीय स्थान पर ₹11,000 का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। रेवा यादव ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में गाय के प्रति प्रेम और जागरूकता बढ़ाना है समाज में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और सड़कों पर आवारा घूमने वाली गायों की समस्या को देखते हुए इस परीक्षा के माध्यम से गौ पालन को प्रोत्साहित करना है। वर्तमान पीढ़ी जो गौ माता से विमुख हो रही है, उसे वापस गौ संरक्षण की दिशा में प्रेरित करने के लिए यह पहल की गई है।

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