न्यू लाईफ में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम आयोजित
बैकंठपुर।
न्यू लाईफ हेल्थ एण्ड एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के उपलक्ष्य में संस्था संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में नर्सिंग छात्र-छात्राओं एवं फैकल्टी तरूण कुशवाहा के द्वारा स्वास्थ्य प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सातवां सेमेसटर के छात्र-छात्राओं द्वारा विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जिला अस्पताल बैकुंठपुर में स्वास्थ्य शिक्षा का आयोजन किया गया। इस वर्ष हेपेटाइटिस दिवस का थीम ‘‘लेट्स ब्रेक इट डाउन‘‘ अर्थात हेपेटाइटिस की रोकथाम, जांच और उपचार से जुड़ी बाधाओं को दूर करना इस थीम का लक्ष्य वर्ष 2030 तक वायरस हेपेटाइटिस को एक सार्वजनिक स्वास्थ खतरे के रूप में समाप्त करना है। यह संदेश दिया गया हर किसी के लिए बिना किसी भेदभाव के इलाज और जांच को आसान बनाना संभव है। हेपेटाइटिस के बारे में जनसमुदाय में जागरुकता बढ़ाने और इसके रोकथाम के लिए हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) के खोजकर्ता नोवेल-पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ. बारुक ब्लमबर्ग, जिन्होने वायरस के लिए एक नैदानिक परीक्षण और टीका विकसित किया था, उनके जन्मदिवस के अवसर पर सम्मान देने के उद्देष्य से प्रतिवर्ष 28 जुलाई को विष्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। विऊष्व हेपेटाइटिस दिवस के उपलक्ष्य में न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट आफ नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम के माध्यम से हेपेटाइटिस की जानकारी लोगों को प्रदान की तथा हेपेटाइटिस के कारण, लक्षण, प्रकार से उन्हे अवगत कराया। हेपेटाइटिस एक लीवर में होने वाली संक्रमण बीमारी है, हेपेटाइटिस वायरस मुख्यतः पाँच प्रकार के होते हैं। हेपेटाइटिस ए और इ दूषित भोजन के कारण होते हैं। हेपेटाइटिस बी, सी और डी, एचआईवी की ही तरह संक्रमित रक्त और शरीर के संक्रमित द्रवों से फैलते है। इसके अलावा असुरक्षित रक्त संक्रमण, असुरक्षित इंजेक्षन का इस्तेमाल भी संक्रमण का आम कारण है। इस बीमारी के सबसे आम लक्षणों में त्वचा या आंखो के सफेद हिस्से का पीला पड़ जाना, भूख न लगना, उल्टी का आना, बुखार और थकान जो सप्ताहो महीनो तक बनी रहती है। इसका उचित समय पर परीक्षण व जरूरी चिकित्सा प्रबंधन के तरीकों के महत्व के विषय में लोगों को जानकारी दी गई।


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