Baikunthpur @ Tahkikat News
मौसम के बिगड़े हुए मिजाज से किसान परेशान हैं। शनिवार से सोमवार तक लगभग पूरे दिन आसमान में बदली छाई रही एवं जिले में कई जगह बूंदाबांदी भी हुई। धान कटाई के समय इस तरह के मौसम के बने हालात ने किसानों के माथे पर बल ला दिया है। जो अभी धान की कटाई कर रहे हैं और उनकी भी परेशानी कम नहीं हुई है, जो कटाई कर चुके हैं और धान को अपने खलिहान में रखे हैं और उन्हें राज्य शासन के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का इंतजार है। दीपावली त्यौहार के बाद धान कटाई का काम तेजी से शुरू हो भी चुका है। बीते वर्षों किसान धान को घर में रखने के बजाय कटाई और मिसाई के बाद सीधे समितियों में ले जाकर समर्थन मूल्य पर बेच देते थे। किंतु इस वर्ष नवंबर में धान की खरीदी शुरू नहीं पाई है। किसानों का धान मिसाई होकर खेत से खलिहान तक पहुंच चुका है और खुले आसमान तले रखा है। ऐसी स्थिति में मौसम के बिगड़े मिजाज से किसान चिंतित हैं। उन्हें अपने पशुओं के रखरखाव की चिंता भी सताने लगी है।
60 फिसद की हो चुकी कटाई
मौसम की अनुकूलता के चलते इस वर्ष किसानों ने धान की खेती को ज्यादा तवज्जो दी। किसानों के अनुसार अब तक लगभग आधे धान की कटाई की जा चुकी है। कृशि विभाग की माने तो गभग 60 से 70 फिसद के बीच धान के फसल की कटाई की जा चुकी है। वही पर 30 फिसद धान किसानों ने धान खलिहान में रखा है।
बाजार में आधी कीमत
किसानों की दुर्दशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की किसान कुछ धान बेचना तो चाह रहे हैं, किंतु बाजार में उचित दाम मिल नहीं पा रहा है। वे चाहकर भी धान नहीं बेच पा रहे हैं। धान का रखरखाव किसानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इन दिनों किसानों को रबी फसल की तैयारी भी करनी है। खाद-बीज खरीदनी है। समितियों में किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है और बाजार में धान बेच नहीं पा रहे हैं। इन हालातों में किसानों की परेशानी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है।
3 दिनो बाद न्यूनतम तापमान 13 डिग्री पहुॅचने का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यहा एक दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। बुधवार के बाद ही मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी में हुए बदलावों और नए सिस्टम और नम हवाओं के कारण क्षेत्र में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम 31 तो न्यूनतम 19 डिग्री रहा तो आने वाले 72 घण्टो में न्यूनतम तापमान में 5 से 6 डिग्री की गिरावट की बात कही जा रही है। यही कारण है कि 24 नवंबर के बाद से ठंड बढ़ने के आसार है।
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