बैकुंठपुर जिला अस्पताल जीवनदीप समिति की राशी में झोलझाल ……. अब तहकिकात कर टिम 10 दिन में देगी रिर्पाेट

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सीएस के घर की खिडकी-दरवाजे जीवनदीप के पैसे से ……. पहले भी लाखों की हो चुकी है गड़बड़ी

प्रदेश में सत्ता पलटते ही कांग्रेस सरकार में हुए गडबडियो की परते प्याज के छिलको के समान उधडने लगी है। कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर स्थित जिला अस्पताल में करोड़ों की गड़बड़ी का मामले में शिकायतों के आधार पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर एस सेंगर ने कोरिया कलेक्टर के सहमति से जिला अस्पताल बैकुंठपुर में जीवनदीप समिति में गड़बड़ी की शिकायत की जांच के लिए टीम गठित कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार सात सदस्यो की गठित टीम का नेतृत्व डिप्टी कलेक्टर विनय कश्यप के हाथों सौपा गया है वहीं पर अन्य सदस्यों में डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा, डॉ. अभिषेक गढ़ेवाल, डॉ. प्रिंस जायसवाल के अतिरिक्त विकास लकड़ा, प्रवीण सिन्हा एवं निराला प्रसाद को जांच की जिम्मेदारी सौंप गई है।

इन मामलों की होगी जांच

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जिन बिंदुओं पर जांच दल गठित किया गया है उनके अनुसार जीवनदीप समिति जिला अस्पताल बैकुंठपुर जिला कोरिया छत्तीसगढ़ हमें जीवनदीप समिति के अध्यक्ष कलेक्टर कोरिया के अनुमोदन के उपरांत गड़बड़ी की शिकायत की जांच की जानी है उसमें जीवनदीप समिति, आरएसबीवाई व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वित्त वर्ष 2022-23 एवं नवंबर 2023 तक जो भी सामग्री क्रय की गई है एवं विभिन्न मरम्मत कार्य व अन्य कार्य जिसमें राशि का उपयोग किया गया है उसका भौतिक सत्यापन किए जाने हेतु जिला स्तर पर गठित टीम को जिम्मेदारी सौंप गई है गठित टीम को जीवनदीप समिति में गड़बड़ी का गड़बड़ी की जांच प्रतिवेदन 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिये गया है।

दशकों से जमे हुए कर्मचारियों पर हैं निगाहे

लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग बैकुंठपुर के जिला अस्पताल में कुछ परिवार एवं कुछ लोगों का दशकों से कब्जा जमा हुआ है जहां पर उनके परिवार के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी पहचान व जुगाड़ बनाकर कार्य करते नजर आ रहे हैं वही पर विभाग के लेखापाल जो कि पिछले डेढ़ दशकों से अधिक समय से जिला अस्पताल बैकुंठपुर में ही जमे हुए हैं जिला अस्पताल की भ्रष्टाचार में इनका विशेष योगदान बताया जाता है । देखना होगा कि जांच टीम की जांच के दौरान इन लोगों के विरुद्ध क्या सच्चाई निकलकर सामने आता है । किंतु इससे पूर्व भी जीवनदीप समिति के अध्यक्षो व कोरिया कलेक्टरों के द्वारा जिला अस्पताल के लेखापाल विमल मिंज को लेखपाल के जिम्मेदारी से पृथक करने के आदेश कई बार दिए जा चुके हैं । बावजूद इसके बडे रुसूख और पैसे फेकने के दम पर आज तक इन लोगो पर किसी प्रकार की कार्यवाई नही हो पाने के कारण इनके हौसले आसमान पर नजर आ रहे है। बताया जा रहा है कि यदि इमानदारी से जाच हुआ तो फिर ये सब अपने सही जगह पर नजर आयेगे।

इन कार्यों में हो रही गड़बड़ी की जॉच

जीवनदीप समिति में गड़बड़ी की शिकायत की जांच जिसमें जीवनदीप समिति, आरएसबीवाई व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वित्त वर्ष 2022-23 एवं नवंबर 2023 तक जो भी सामग्री के क्रय, विभिन्न कार्यों में मरम्मत एवं अन्य कार्यों में राशि का उपयोग किया गया है उसका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा । बताया जा रहा है कि क्रय की गई सामग्रियों को अनुचित लाभ लेने एवं भ्रष्टाचार करने के उद्देश्य से 100 से 200 गुना ज्यादा दामों पर बिल वाउचर लगाकर खरीदी किया गया है। इसकी सत्यता की जाच होते ही क्रय समिति के सदस्य एवं विक्रय करने वाली एजेंसी दोनों ही लपेटे में आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

पहले भी लाखों की हो चुकी है गड़बड़ी

3 वर्ष पहले भी जिला अस्पताल में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के जिला अस्पताल अधीक्षक के पद में रहते हुए लाखों का भ्रष्टाचार किया जा चुका है । जिसमें जीवनदीप समिति के धन का दुरुपयोग किया गया था इस दौरान बताया जाता है कि उसे समय के अस्पताल अधीक्षक एक महीने की छुट्टी पर गए थे इसी का लाभ उठाकर जीवनदीप समिति में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था। जहा अस्पताल के बेमतलब रेनोवेशन कराने के नाम पर लाखो का घपला किया गया था।

सीएस के घर की खिडकी-दरवाजे जीवनदीप के पैसे से

वर्तमान अस्पताल अधीक्षक के घर की खिड़की दरवाजे भी जीवनदीप समिति के पैसे से लगाए जाने की चर्चाएं इस समय बैकुंठपुर के जानकारी हल्को में चर्चा का विषय बना हुआ है। विगत एक सप्ताह से लगातार यह बात सामने आ रही है कि जिला अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक के घर में रिनोवेशन के नाम पर शीशे के खिड़की दरवाजा लगवाए जा रहे हैं जिसके पूरे खर्च का वाहन जीवनदीप समिति से होने की बात कही जा रही है । बेहतर होगा कि गठित जांच दल के द्वारा इस मामले की भी जांच की जाए भी करा लिया जाये। बताया जा रहा है कि फरवरी में जिला अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक रिटायर होने जा रहे हैं एवं इस दौरान में विगत महीना में हुई गड़बड़ी को बैक डेट में फाइलों को निबटाने का प्रयास किया जा रहा हैं । बताया तो यह भी जा रहा है कि इस दौरान जिला अस्पताल के जीवनदीप समिति के बैंक अकाउंट है फ्रीज कर दिया गया है जिससे किसी भी प्रकार का चेक आहरण नही किया जा सके।

क्या बोले जिले के सीएचएमओ साहब

इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर एस सेंगर ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर जीवनदीप समिति में हुई गड़बड़ी की जानकारी जीवनदीप समिति के अध्यक्ष एवं कोरिया कलेक्टर को दी गई । इसके उपरांत उनसे अनुमति लेकर जांच टीम का गठन किया गया । 10 दिनों के भीतर जांच दल को अपनी जांच पूर्ण कर विभाग को देना होगा। जीवनदीप की राशि का उपयोग यदि अस्पतालों में इमानदारी पूर्वक किया जाए तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकता है। हकीकत में मरीजों के हितों को देखकर उनके लिए अत्याधुनिक यंत्र, ब्रांडेड दवा सहित अन्य संसाधन खरीदा जाए तो इसका लाभ मरीजों को मिलेगा ।

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