पहाडी पर 100 से अधिक पेड गिरने की संभावना….वन विभाग सिर्फ रिएक्टिव
पहाडपारा और उजियारपुर रेलवे पुल तक धडाधड गिर रहे एनएच 43 पर पेड और चटटान
बीते तीन दिनो से लगातार गिर रहे पहाडी से पेड….10 दिनो से लगातार हो रही भारी बारिश
कोरिया जिला मुख्यालय से 15 किलो मीटर दूर एनएच 43 पर बैकुंठपुर-मनेन्द्रगढ मार्ग पर पहाडपारा से उजियारपुर रेलवे पुल तक पहाडी से लगातार पेड गिर रहे हैं । बीते तीन दिनो में पहाडी से 4 पेड एनएच पर गिर चुके हैं जिस कारण दिन और रात में लगभग 8 घण्टे तक सडक जाम रह चुका है। वही पर इस पहाडी जमदुआरी घाट में लगभग 100 पेड ऐसे हें जो कभी भी गिर सकते हैं। इस दौरान गिरने के कागार पर खडे लगभग दो दर्जन पेडो वन अमला कटवा रहा हैं। दो वर्ष पूर्व जब एनएच का र्निाण कराया जा रहा था तब भी हमारे द्धारा खतरनाक पहाडी को लेकर कई बार सवाल उठाया गया था यदि उस समय प्रशासन ने ठेकेदार से पहाड को स्खलन से रोकने के लिए जरुरी कदम उठाये होते तो आज यह दिन नही देखना पडता। दिन भर हवा भरती वाहनो में न जाने कौन कब इसका शिकार हो जाये।
स्खलित होकर लगातार गिर रहे पेड और चटटान
इन पेड़ों को काटने के लिए कोई भी प्रपोजल अभी तक संबंधित विभागों द्वारा नहीं बनाई जा रही है। यह पेड़ लगातार सड़क पर आने-जाने वालों के लिए हादसों को लेकर खतरा बने हुए हैं। इन पेड़ों को काटने के लिए अभी कुछ भी नहीं किया जा रहा है। तूफान, बारिश के समय ये पेड़ और भी खतरनाक हो चुकेे हैं। ऐसे पेड़ विद्युत लाइनों पर गिरने के कारण कई बार विद्युत सप्लाई को ठप करने में परेशानियां खड़ी कर चुके हैं। ऐसे पेड़ों की नजर अंदाजी लोगों पर भारी पड़ सकती है। अधिकतर पेड़ जंगल के बीच से गुजर रही सड़कों पर ही हैं। दूसरी ओर भूस्खलन में पत्थर के बडे बडे चटटान भी गिर रहे हैं जो राहगीरो के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
प्रतिदिन घण्टो हो रहा यातायात बाधित
मंगलवार की दोपहर बारिश तेज हवाओं के साथ करीब आधे घंटे मूसलधार बारिश हुई। जिस कारण हाइवे पर पेड़ गिर जाने की वजह से करीब तीन घंटे इस सड़क पर आवागमन बाधित रहा। जबकि बुद्धवार को देर शाम में फिर एक पेड सडक पर गिर गया जिस कारण रात में 4 घण्टे एनएच जाम होने की बाताई गई। जब तक पेड़ काटकर सड़क से नहीं हटाया जा सका था। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। हालांकि गुरुवार की दोपहर में वन विभाग की टिम के द्धारा जमदुआरी घाट पर कुछ संभावित जानलेवा पेडो की कटाई करावाया है।
दस दिनों से रोजाना मौसम का ऐसा ही हाल
बीते दस दिनों में मौसम का मिजाज यहीं बना हुआ है। जिले में कहीं ना कहीं आंधी के साथ तेज बारिश हो रही है। जिससे बिजली विभाग को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। बड़े नुकसान की वजह मानसून मेंटनेंस का काम नहीं होना है। मानसून मेंटनेंस का काम शुरू होने से पहले हो द्रोणिका का अच्छा-खासा असर दिख रहा है। इस समय जिले में मानसून की बारिश अपने पूरे शबाब पर नजर आ रहा है।
उॅची वाल बनाने की रखेंगे मांग-विधायक
बैकुंठपुर विधायक एवं पूर्वमंत्री भैयालाल राजवाड़े ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर इस तरीके की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । सड़क पर गिरते पेड एवं चट्टानों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है । इसलिए इस बात का इंतजार नहीं किया जाएगा कि जब कोई हादसा हो तब कदम उठाया जाएगा । उन्होंने कहा कि उनके द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को पत्र लिखकर जामदुआरी घाट के पहाड़ी को धड़कने से बचने के लिए उची वाल निर्माण को कहा जाएगा । इसके लिए वह सडक परिवाहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी पत्र लिख यह मांग रखेंगे। उन्हाने कहा कि मैंने जिला प्रशासन को निर्देशित कर दिया है कि अभी वर्तमान में सडक पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने और लोगो की जानोमाल की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाये जाये।
मुस्तैद है वनअमला-एसडीओ
बैकुंठपुर वनमंडल के उपवनमंडलाधिकारी अखिलेश मिश्रा ने कहा कि विभाग लगातार मशक्कत कर रहा है। गिरते पेड़ों को काटकर सड़कों को खाली करने का कार्य विगत तीन दिनों से किया जा रहा है। जैसे भी ही हमारे पास सूचना मिलती है वन अमला पूरी मुस्तादी के साथ पेड़ों की कटाई कर सड़कों से मालवा साफ करने का कार्य कर रहा है।





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