मात्र दो नमूने ही लिये…..शहर से गॉव तक सजी हैं बनारसी मिठाईया
रसूखदारो पर करम और छोटे रहम यही है विभाग की कार्रवाई
राखी के त्योहार में अब मात्र कुछ दिन ही रह गये हैं। भाई बहन के प्रेम का प्रतीक के साथ-साथ मिठाइयों का भी त्योहार है। ऐसे में मिठाइयों की दुकानें भी सज गई हैं। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की डिमांड बढ़ने के साथ ही उनके स्टाक करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर, चरचा, पोडी बचरा, सोनहत, कटगोडी, पटना, कटकोना एवं पाण्डवपारा में लगभग 200 से अधिक छोटे बडे मिठाई की दुकाने चल रही हैं।
एैसे में मात्र दो दुकानो पर खाद्य विभाग द्वारा त्योहार से ठीक पहले की जाने वाली कार्यवाही सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह जा रही है। ऐसे में उपभोक्ता को रुपए खर्च करने के बाद भी खाद्य पदाथो में शुद्घता मिले इसकी कोई गारंटी नहीं है। खाद्य विभाग द्वारा त्योहार से ठीक पहले की जाने वाली कार्यवाही सिर्फ खाना पूर्ति बनकर रह जा रही है।
कोरिया कलेक्टर ने दिये जाच के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने रक्षाबंधन सहित अन्य त्यौहार को दृष्टिगत रखते हुए समस्त दुग्ध एवं मिठाई दुकानों की सतत और सघन निरीक्षण के साथ मिलावटी दूध, दुग्ध उत्पाद एवं मिठाई विक्रेताओं पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। एैसी क्या वजह है कि विभाग के अधिकरियो को उपर के निर्देश के बाद ही याद आता है कि उनकी जिम्मेदारी क्या है और सरकार से वो किस लिए वेतन लेते हैं यह बात भी पूछे जाने की जरुरत है।
मात्र दो सैम्पल ही क्यो लिए
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया है कि त्योहार के सीजन में नकली खोवा तथा गुणवत्ताहीन मिठाई की बिक्री की संभावना बढ़ जाती हैं। सीमावर्ती राज्यो से मिलावटी दूध, खोवा, मावा एवं कुंदा खाद्य की आपूर्ति होती हैं। जिससे लोग से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता हैं।
इन दुकान से लिए गये सैम्पल
वरिष्ठ खाद्य अधिकारी तथा उनके टीम द्वारा छापेमारी की गई। छापेमारी में बैकुंठपुर के जेल रोड बाजारपारा कृष्ण डेयरी से पनीर और फॉरेस्ट कॉलोनी के सामने छिन्दडांड मां शारदा से चमचम का विधिक नमूना जब्त कर परीक्षण और विश्लेषण के लिए नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
राखी पर 20 लाख से अधिक करोबार
राखी से पहले फूड सेफ्टी विभाग ने सैंपल कलेक्शन का काम शुरू कर दिया है। इधर त्योहार पर मिठाई का बाजार बिक्री के लिए तैयार है। व्यापारियों की माने, तो इस बार पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20 लाख के आसपास मिठाई व्यापार होने की संभावना है। सूत्रों की माने तो मिठाई बनाने में साफ-सफाई का तनिक भी ध्यान नहीं रखा जाता है। वही सभी दुकानों व गोदामों की एक जैसी स्थिति देखी जा सकती है। इसके अलावा खाद्य एवं औषधि प्रशासन में खाद्य संरक्षक मानक अधिनियम 2006 व नगर पालिक निगम 1956 के धारा 366 में दोनों संस्थाओं में पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन के पूर्व तय मापदंडों का पालन भी किया जाना है, लेकिन इनकी पालना नही हो पा रहा है।
इन मिठाइयों में मिलावट की आशंका
बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में छेने से बनी मिठाइयों को छोड़कर सभी में मिलावट की आशंका स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जताई गई है। मुख्य रूप से खोवे की मिठाइयों में मिलावट की बात कही गई है। इसके अलावा काजू कतली, बर्फी, गुलाब जामुन, अंजिर, बादाम की मिठाइयां, गुलकंद व मैदे की मिठाइयों में भी मिलावट होने की आशंका जताई जा रही है।
शहर के कई होटलों में मिल चुकी हैं खामियां
शहर में जब भी होटलों पर जांच की कार्यवाही हुई है तब तब कई होटल घटिया मिठाइयां बेचते हुए पाए गए हैं कुछ पर पेनाल्टी लगाकर उन्हें दंडित कर दिया गया तो कुछ जुगाड़ से छूट भी गए । लेकिन इतना तय है कि यदि निरंतर जांच होती रहे तो भले ही घटिया मिठाइयों की बिक्री बंद ना हो सके लेकिन लगाम कसी ही जा सकती है। लेकिन निरंतर चल सकने वाली जांच प्रक्रिया न जाने क्यों केवल मुहूर्त का इंतजार करती हैं।
छोटे होटल में कार्रवाई कर होती है खानापूर्ति
संबंधित विभाग द्वारा शहर में जांच के नाम पर छोटे होटल गुमटियों में अपनी कार्रवाई का चाबुक चलाकर इतिश्री कर लेती है। जब बड़े होटल में जांच की बात उठती है तो महज खानापूर्ति कर साफ सफाई की हिदायत देकर पल्ला झाड़ लेते है। गौरतलब है कि पूर्व में विभाग द्वारा स्टाफ की कमी का बहाना बनाया जाता था।


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