किसानों से मवेशियों के लिए गौशालाओं को पराली करें दान – रेवा यादव
बैकुंठपुर ।
गौ सेवा आयोग कोरिया के जिलाध्यक्ष रेवा यादव ने जिले के किसानों से अपील की है कि अपने फसल अवशेष को खेतों में जलाये नहीं बल्कि अपने आस-पास स्थित गोआश्रय स्थल में संरक्षित निराश्रित गोवंशों के लिए अधिकाधिक मात्रा में पराली/फसल अवशेष व हरा चारा का दान करके गो संरक्षण जैसे पुण्य कार्य में सहयोग प्रदान करें। श्री यादव ने फसल कटाई सीजन के दृष्टिगत प्रगतिशील कृषकों एवं दानवीरों से अपील करते हुए कहा कि जिले में संचालित गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए अधिकाधिक मात्रा में फसल अवशेष एवं पराली तथा हरा चारा प्राप्त कर आश्रय स्थलों को दान करें।



उन्होने कहा कि पराली के परिवहन उनसे सम्पर्क किया जाये। किसो अपने खेतों में पराली न जलाये। छत्तीसगढ़ में धान की ख़रीद 1 नवंबर से जारी है, और साथ ही राज्य में धान की फसल के अवशेषों का बड़े पैमाने पर उत्पादक उपयोग भी हो रहा है। श्री यादव बताया कि अब तक, किसानों द्वारा राज्य में विभिन्न गौठानों में पराली दान की जा चुकी है। कोरिया के किसान भी राज्य सरकार की अपील पर पराली मुफ्त में देने की इस प्रथा को आगे बढाये। पिछले कुछ महीनों से, कटाई के बाद धान के अवशेषों को जलाने के चलन को कम करने के लिए यह एक प्रभावी उपाय बन गया है। मध्य भारत में धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के किसानों को धान बेचने के बाद पराली को अपने नज़दीकी गौठान में दान करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।



+ There are no comments
Add yours