मुख्यमंत्री जन शिकायत के आदेश पर सवाल…….. शिक्षकों की वापसी हुई……लेकिन लिपिक व अन्य कर्मचारी अब भी संलग्न पदों पर

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कोरिया।

मुख्यमंत्री जन शिकायत के माध्यम से जिले में वर्षों से विभिन्न विभागों में किए गए संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को लेकर उठाई गई शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा 7 अप्रैल 2026 को आदेश जारी किया गया था। आदेश में संलग्न कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि एक माह बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन अधूरा नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में कई विभागों में कर्मचारियों को लंबे समय से संलग्न कर रखा गया है। शिकायत में यह मुद्दा उठाया गया था कि नियमों के विपरीत वर्षों से कुछ कर्मचारी अपने मूल कार्यालयों के बजाय दूसरे कार्यालयों में कार्य कर रहे हैं, जिससे मूल कार्यालयों का कार्य प्रभावित हो रहा है। शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया और आदेश जारी किया गया।


बताया जा रहा है कि आदेश के बाद शिक्षा विभाग में कार्रवाई करते हुए कई शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेज दिया गया। लेकिन अन्य विभागों में कार्यरत लिपिक, सहायक ग्रेड कर्मचारी एवं अन्य कर्मचारियों के मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कई कर्मचारी आज भी पूर्व की तरह संलग्न कार्यालयों में कार्यरत हैं। इस मामले को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं कि यदि आदेश सभी विभागों के लिए जारी हुआ था तो कार्रवाई केवल शिक्षकों तक ही सीमित क्यों रही कर्मचारियों के बीच भी यह चर्चा है कि कुछ विभागों में प्रभावशाली कर्मचारियों को संरक्षण मिलने के कारण आदेश का पालन नहीं कराया जा रहा है।


सूत्रों का कहना है कि कई कार्यालयों में वर्षों से जमे कर्मचारियों के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मूल कार्यालयों में स्टाफ की कमी बनी हुई है, जबकि संलग्न कार्यालयों में आवश्यकता से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे शासन की पारदर्शिता और प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जन शिकायत करने वालों का कहना है कि यदि शासन ने संलग्नीकरण समाप्त करने का निर्णय लिया है तो सभी विभागों में समान रूप से उसका पालन होना चाहिए। केवल एक विभाग में कार्रवाई और बाकी विभागों में चुप्पी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन शेष विभागों में संलग्न कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने के लिए कब तक प्रभावी कार्रवाई करता है या फिर आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।

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