एनक्वास की टीम ने किया कोरिया जिले में दो दिवसीय दौरा………पीएचसी बंजारीडांड में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक मूल्यांकन संपन्न
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले के विकासखंड पोड़ीबचरा अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजारीडांड में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का दो दिवसीय अंतिम मूल्यांकन 27 एवं 28 जुलाई को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अंतिम मूल्यांकन का संचालन राष्ट्रीय एनक्वाश असेसर टीम के डॉ. आशुतोष मिश्रा एवं डॉ. प्रतीक मिश्रा द्वारा किया गया। मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध बाह्य एवं आंतरिक रोगी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, प्रयोगशाला, औषधि प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, रोगी सुरक्षा, अभिलेख संधारण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन सहित एनक्वास के विभिन्न मानकों का गहन निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया।
यह संपूर्ण मूल्यांकन जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में संपन्न हुआ। इस दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनीत बक्सला का सहयोग प्राप्त हुआ। मूल्यांकन प्रक्रिया को सफल बनाने में जिला गुणवत्ता टीम की श्रीमती प्रियंका कुरील, श्वेता तिवारी, मनकुंवर तथा पीएचसी बंजारीडांड एवं विकासखंड पोड़ीबचरा की संपूर्ण स्वास्थ्य टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने टीम भावना, समर्पण एवं उत्कृष्ट समन्वय का परिचय देते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
राष्ट्रीय एनक्वास असेसर टीम ने स्वास्थ्य केंद्र में संचालित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था, रोगी सुरक्षा, दस्तावेजों के सुव्यवस्थित संधारण तथा गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। यह मूल्यांकन ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पीएचसी बंजारीडांड की संपूर्ण टीम ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों का प्रभावी अनुपालन निरंतर बनाए रखते हुए आमजन को उच्च गुणवत्ता, सुरक्षित एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती रहेंगी।

इन मानको पर होती है अस्पतालो की जॉच
गौरतलब हो कि एनक्वास टीम सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, और मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता की जांच करती है। खरे उतरने वाले जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय प्रमाणन और प्रोत्साहन राशि मिलती है। एनक्वास मूल्यांकन के मुख्य बिंदु ओपीडी और इमरजेंसी ओपीडी सेवा और आपातकालीन इलाज की व्यवस्था। लैब और दवा पैथोलॉजी जांच और मुफ्त दवाओं की उपलब्धता। सफाई और सुरक्षा अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण और साफ-सफाई। मरीजों का फीडबैक मरीजों को मिलने वाली संतुष्टि और रिकॉर्ड रखरखाव।
इस तरह होता है अस्पतालो का मूल्यांकन
मूल्यांकन प्रक्रिया राज्य और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की टीम अस्पतालों का दौरा करती है। तय किए गए 12 मानकों पर अंकों के आधार पर मूल्यांकन होता है। 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिलने पर अस्पताल को एनक्वास सर्टिफिकेट मिलता है। यदि आप किसी विशेष जिले या अस्पताल का नाम जानना चाहते हैं जिसे एनक्वास प्रमाणन मिला है, तो कृपया उस जिला या राज्य का नाम साझा करें। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्राप्त करने से पहले, अस्पतालों को विशेषज्ञ टीमों द्वारा गहन मूल्यांकन से गुजरना पड़ता था। मरीजों को उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सहायता सेवाएं, नैदानिक सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और परिणाम सहित विभिन्न मापदंडों का मूल्यांकन किया गया।


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