कोरिया जिले में पटवारी संघ…..शासन के सामने झुकने को तैयार नही…….दोटूक बोला संघ नही लौटेंगे काम पर……..59 नियमित पटवारी अभी भी हडताल पर…..एसडीएम ने पटवारियों को नोटिस दे तत्काल काम पर लौटने के दिए थे निर्देश
बैकुंठपुर।
सरगुजा संभाग के कोरिया जिले में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए सभी 59 पटवारी प्रशासन के कड़े रुख बावजूद काम पर लौटने को तैयार नही है। कोरिया जिले के पटवारी संघ के अध्यक्ष भारत कुमार यादव ने स्पष्ट कह दिया है कि मांगे पूरी होने से पहले हड़ताल से वापसी का कोई सावल ही नहीं है। उन्होंने साफ कह दिया कि पटवारी पर जो भी कार्रवाई करनी है वह प्रशासन कर ले किंतु पटवारी संघ अपने लंबित मांगों के पूरे होने तक काम पर लौटने को तैयार नहीं है।
गौरतलब हो कि गत दिवस संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा ने सभी हड़ताली पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं। संभाग के सभी 6 जिलों के अनुविभागीय दंडाधिकारियों (एसडीएम) ने संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने और उसी दिन संबंधित तहसीलदार के माध्यम से लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है। निर्धारित समय पर कार्य पर उपस्थित नहीं होने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी । किन्तु अब पटवारी संघ के कउे रुख के बाद साफ हो गया है कि शासन को अपने जरुरी कार्य कराने के लिए किसी और विकल्प की तालाश करनी होगी।
कोरिया में 59 पटवारियों को नोटिस
संभाग के सभी 06 जिलों में कुल 819 पटवारियों समेत कोरिया जिले के सभी हडताली 59 पटवारियो को नोटिस जारी किए गए हैं। कोरिया जिले में 59 नियमित पटवारी एवं 08 परिवीक्षा अवधि में कार्यरत हैं।
किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण कामकाज ठप
संभागायुक्त नरेन्द्र कंमार दूग्गा ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति या अवकाश के अनुपस्थित रहने से कई महत्वपूर्ण और समयबद्ध कार्य बाधित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक और आगामी धान खरीदी के लिए कृषक अभिलेखों का सत्यापन शामिल है। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की जांच, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयों से जुड़े प्रकरण भी प्रभावित हो रहे हैं। हाल ही में चक्रवाती तूफान से फसलों को हुए नुकसान का त्वरित सर्वे, आकलन और किसानों को राहत राशि वितरण का काम भी पटवारियों की गैर-मौजूदगी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे आम जनता और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दर्ज होगा सेवा में व्यवधान का मामला
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत अनुपस्थिति को सेवा नियमों के तहत गंभीर कदाचार माना जाएगा। हड़ताल अवधि के वेतन और अन्य सेवा लाभों पर रोक लगाने के साथ ही इस अवधि को ब्रेक इन सर्विस के रूप में दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने सभी पटवारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण कर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं।




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