तहकीकात न्यूज @ विकास केसरी . बलरामपुर/रामानुजगंज
थाना अंतर्गत ग्राम नेहरूनगर की महिला को अच्छी नौकरी का झांसा देकर मध्य प्रदेश बेचे जाने के लिए ले जाया गया था। महिला के भाई को जब पता चला कि बहन को बेचने के लिए मध्यप्रदेश के गांव में ले जाया गया है।जिसके बाद महिला की किन्नर बहन एवं सामाजिक कार्यकर्ता उस गांव में पहुची जहां पर बहन को बेचने के लिए रखा गया था। इसके बाद बहन को साथ में लेकर वापस गांव पहुंचने के बाद आज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई महिला के रिपोर्ट पर दो व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 370,392,34 आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध कर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नेहरूनगर की चिंता देवी उम्र 27 वर्ष को जाफर अंसारी उम्र 56 वर्ष ग्राम चंद्रनगर के वाहिद अंसारी उम्र 49 वर्ष ग्राम बुलगांव के द्वारा अच्छी नौकरी दिलाए जाने का झांसा देकर 1 अक्टूबर को अंबिकापुर ले जाया गया जहां से ट्रेन से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला के ग्राम उदयपुरा में कोमल रवि के यहां रखा गया था। जहां से उसे बेचे जाने की योजना थी। जब चिंता को इस बात की भनक लगी तो किसी प्रकार से उसने मोबाइल से अपने भाई प्रमोद रवि को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जिसके बाद चिंता की किन्नर बहन एवं सामाजिक कार्यकर्ता सन्ध्या पांडे उदयपुरा गांव तक पहुंची एवं अपनी बहन को साथ गांव में वापस लाकर बुधवार को रामानुजगंज थाने पहुंची जहां चिंता देवी के रिपोर्ट पर जाफर अंसारी एवं वाहिद अंसारी के विरुद्ध धारा 370 392 34 आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों को न्यायालय पेश किया गया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। इस संबंध में विवेचना अधिकारी अश्वनी पांडे ने कहा कि मामले की विवेचना की जा रही है यदि विवेचना में और लोगों के नाम सामने आते हैं तो उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी।
2 लाख में बेचे जाने की थी योजना- चिंता को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला के उदयपुरा में रख कर 2 लाख में बेचे जाने की योजना थी परंतु समय पर वापस ले आया गया जिसे वह बिकने से बच गई।
नाबालिक का 6 साल बाद भी नहीं चला पता- ऐसा नहीं है कि मानव तस्करी का यह गांव में पहला मामला है इसके पूर्व भी गांव की राजकुमारी की 12 वर्षीय मासूम बच्ची को 6 वर्ष पूर्व ले जाया गया था जिसका आज तक कोई अता पता नहीं चल पाया है।
विवाहिता भी 4 वर्ष से है गायब- तीन बच्चों की मां एवं उमेश राम की पत्नी को बहला-फुसलाकर 4 वर्ष पूर्व ले जाया गया था इसे भी बेच दिए जाने की आशंका उमेश राम को है जिसका आज तक अता पता नहीं चल पाया है।
समाजिक कार्यकर्ता संध्या पांडे ने कहा कि क्षेत्र में मानव तस्करी लंबे समय से जारी है कई नाबालिग एवं शादीशुदा महिलाओं को बेचा गया है यदि इसका गहराई से पड़ताल होगा तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा कि क्षेत्र में यदि इस प्रकार की कोई भी घटना हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें ताकि हम सूचना पर तत्काल कार्यवाही कर सकें। श्री साहू ने कहा कि यदि मानव तस्करी की किसी भी प्रकार की शिकायत आती है तो उस पर तत्काल सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।

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