विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस विशेष मानसिक स्वास्थ्य में निवेश की है जरूरत मानसिक रोगियों के प्रति रखें भावनात्मक लगाव

Estimated read time 1 min read



मानसिक स्वास्थ्य सभी के लिए, अधिक निवेश, ज्यादा पहुँच’’ थीम के साथ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जायेगा। एक व्यक्ति की मानसिक बीमारी केवल उसे ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है। इसलिए इसका निराकरण करने के लिए ज्यादा से ज्यादा चर्चा करने और निवेश करने की आज जरूरत है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाए सभी के लिए हर जगह उपलब्ध होनी चाहिये।
डा. शुभाशीष करन, नोडल अधिकारी, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम ने बताया ,”मानसिक बीमारियां भी समाज के लिए महत्वपूर्ण एवं बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। मानसिक रोगियों की पहचान कर उन्हे उपचारित किया जा सकता है। अवसाद गसित लोगो का मनोबल बढाने के लिए समाज में जागरूकता की आवश्यकता है। मानसिक स्वास्थ्य का मतलब पागलपन से ही लिया जाता है। जबकि एक स्वस्थ दिखाई देने वाला व्यक्ति भी मनोरोगी हो सकता है। उसके अंदर एंग्जायटी, डिप्रेशन से लेकर अन्य कई परेशानी हो सकती है। इस तरह से कई तरह के मानसिक रोग से आदमी परेशान रहता है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।“
सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा ने बताया,” मानसिक अवसाद की समस्या से पीडित रोगी को भावनात्मक लगाव की आवश्यकता होती है।अधिकांश मामलो मे देखा गया अकेले में रहने वाले डिप्रेशन और अवसाद के चलते गलत कदम उठाने की सोचने लगते हैं। कोविड-19 के इस संक्रमण काल के दौरान ज्यादातर लोगों में मेंटल इलनेस की समस्या आ रही है। समाज व परिवार में जागरुकता लोर हमारी कोशिश रहती है मनोरोगियों को स्पर्श क्लीनिक के माध्यम से सही व निशुल्क उपचार मिल सके।“

क्या हैं लक्षण
मानसिक रोग कई प्रकार के होते है। इनमें डिमेंशिया, डिस्लेक्सिया, डिप्रेशन, तनाव, चिन्ता, कमजोर याददाश्त, बाइपोलर डिसआर्डर, अल्जाइमर रोग, भूलने की बीमारी आदि शामिल हैं। अत्यधिक भय व चिन्ता होना, थकान और सोने में समस्याएं होना, वास्तविकता से अलग हटना, दैनिक समस्याओं से निपटने में असमर्थ होना, समस्याओं और लोगों के बारे में समझने में समस्या होना, शराब व नशीली दवाओं का सेवन, हद से ज्यादा क्रोधित होना आदि मानसिक बीमारी के लक्षण हैं।

क्या करें
यदि किसी को मानसिक बीमारी है तो उन्हें मानसिक तनाव को नियंत्रित करना होगा, नियमित चिकित्सा पर ध्यान देना होगा, पर्याप्त नींद लेनी होगी। समस्या से ग्रसित व्यक्ति पौष्टिक आहार लें व नियमित व्यायाम करें। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर जारी निशुल्क सेवा के लिए लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के निदान के लिए डायल 104 पर कॉल कर भी जरुरी परामर्श ले सकते हैं।
मिनीस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एण्ड इम्पावरमेंट के लिए एम्स की ओर से 2019 में हुए सर्वे के अनुसार नशा सामाजिक ढांचा में व्याप्त मानसिक समस्या है भारत में शराब पीने वाले 16 करोड़ लोग हैं जिनमें से 2.9 करोड़ लोग शराब के नशे के आदि हो चुके हैं। एक व्यक्ति यदि शराब का आदि है तो वह व्यक्ति नहीं बल्कि उसका पूरा परिवार बुरी तरीके से प्रभावित होता है। इसके अलावा 3.1 करोड़ भांग का सेवन करते लेते हैं।

ashok

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours