तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
कोरिया जिले में कोरोना से मौत थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर अब लोगो की मौत होम आइसोलेशन में होने से डर का महौल बनता जा रहा है। तो दूसरी ओर गंभीर मरीजों की अस्पताल पहुंचने के बाद जब ठिक होकर घर लौट रहा था कि इस दौरान उसकी मौत रास्ते में होने के कारण अब अस्पतालो में कोरोना के ईलाज को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालत तो यह हो गई है अम्बिकापुर मेडिकल कालेज में इलाज के बाद जनकपुर के 38 वर्षीय युवक की मौत केल्हारी के पास होने के कारण जानकारो ने ईलाज को लेकर सवाल खडा करना शुरु कर दिया है।

ईलाज के बाद घर छुटटी रास्ते में मौत क्यो
बताया गया कि जनकपुर से 30 किलो मीटर पहले चुटकी का रहने वाला युवक ने पहले बैकुन्ठपुर कोविड हास्पीटल में ईलाज कराया फिर उसे अम्बिकापुर रिफर कर दिया गया। जहा वो अक्टूबर की 1 तारिख से अपना ईलाज करा रहा था उसके ईलाज की 14 दिनी पूरी प्रक्रिया होने के बाद 3 दिन अतिरिक्त उसे मेडिकल कालेज में रखा गया। इसके बाद 17 अक्टूबर को उसे अस्पताल से छुटटी दे दी गई। जहा उसे 108 से कोरिया के चुटकी छोडने लाया जा रहा था कि इस दौरान चुटकी के 20 किलो मीटर पहले उसकी मौत हो गई। जिसे बाद में जनकपुर की मेडिकल टिम के द्धारा कोविड के नियमो के तहत परिजनो की सहमति से जनकपुर में दाह संस्कार काराया गया।

होम आईसोलेसन पर सवाल
4 दिन पूर्व चर्चा के नेपाल गेट में रहने वाली एक वृद्ध महिला जोगी होम आइसोलेशन में थी इस दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत कोरोना से हो गई । इस पर सफाई देते हुए विभाग का कहना है कि महिला की मौत हॉस्पिटल में हुई जबकि वार्ड के लोगो का कहना है कि महिला की होम आइसोलेशन में ही बेहद गंभीर स्थिति हो गई थी इसे अंतिम क्षणों में अस्पताल ले जाया गया। कोरिया जिले में जहां बैकुंठपुर के कंचनपुर में 100 बेड के कोविड हास्पीटल बनाए गए हैं तो चरचा में 50 बेउ का कोविड-हास्पीटल चल रहा है। इस दौरान चरचा में भर्ती मरीजों की संख्या 10 व बैकुंठपुर में भर्ती मरीजों की संख्या मात्र 15 होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं एक और जहां जिले में 452 लोग होम आइसोलेशन में रखे गए हैं वहीं पर डेढ़ सौ बिस्तरों के कोविड हास्पीटल में से 125 बेड खाली होना अपने आप में गंभीर सवाल खड़ा करता है।
अब तक 23 की मौत कोरोना से
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कोरिया जिले से जारी मेडिकल बुलेटिन की माने तो जिले में अब तक कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2463 है। जबकि अब तक जिले में 23 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है जबकि होम आइसोलेशन में 425 व अस्पताल में मात्र 25 लोगो का ईलाज किया जा रहा है। जिले में 477 से अधिक कोरोना पाजेटिव होना व ग्रामीण क्षेत्रों मे कोरोना पाजेटिवो की तादाद बढना विभाग के लिए अर्लाम बजा रहा है।
वर्जन…….
जिले में होम आइसोलेशन में रखे गए सभी लोगों को विभाग की ओर से दवा देकर यह समझाइश दी जाती है कि वह प्रतिदिन दो बार चिन्हाकित चिकित्सकों को फोन करके अपने स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी प्रदान करें । इस दौरान लोग हॉस्पिटल में एडमिट होने से घबराते हैं जिस कारण लोग अपनी बीमारियों को छुपा रहे है। चरचा की जिस महिला की बात कर रहे हैं आप उसकी मौत अस्पताल में हुई है।
डॉ. कार्तिक – होम आइसोलेशन इंचार्ज कोरिया
मृतक युवक का अंतिम संस्कार कोरोना के नियमों के तहत जनकपुर में उनके परिजनों के सहमति से करा दिया गया है युवक 17 अक्टूबर को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज से इलाज करा कर छुट्टी होने के बाद अपने घर लौट रहा था ।
डॉ रमन सिंह – बीएमओ जनकपुर
आंकड़ों पर एक नजर
कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या – 2463
अब तक हुई मृत्यु – 23
कुल एक्टिव कोरोना केश -़ 477
बैकुंठपुर कंचनपुर कोविड हास्पीटल में बेड की संख्या 100
भर्ती मरीज – 15
रिक्त बेड – 125
चरचा एसईसीएल हास्पीटल में बेड की संख्या – 50
कुल भर्ती मरीज – 10
रिक्त बेड की संख्या – 40
होम आइसोलेशन में मरीजों की कुल तादाद – 452
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