थ्रेसर में फंसने से युवक की हुई मौत, 2 घंटे के मशक्कत के बाद शव को निकाला जा सका

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तहकीकात न्यूज  @ विकास केसरी . बलरामपुर/रामानुजगंज

डिंडो चौकी अंतर्गत ग्राम विमलापुर में सोमवार की शाम 4:30 बजे के करीब थ्रेसर में काम कर रहा एक युवक गलती से थ्रेशर के अंदर चला गया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई वही थ्रेसर से आज युवक के शव को निकाला गया घटना पर डिंडो चौकी में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया।

                  प्राप्त जानकारी के अनुसार विमलापुर के बंधु पंडो उम्र 30 वर्ष अपने घर के बगल में ही रहने वाले धर्मजीत पोयाम के यहां थ्रेसर मशीन से धान कटाई का काम करने गया था थ्रेसर गांव के ही रसीद खान का था इसी दौरान थ्रेसर में धान फस गया था जिसे थ्रेशर को बिना बंद किए नौसिखिया ड्राइवर के साथ निकालने का प्रयास किया जा रहा था इसी दौरान बंधु थ्रेशर के अंदर चला गया एवं मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर डिंडो पुलिस मौके पर पहुंची जिसके द्वारा आज शव को थ्रेसर से निकाल घटना पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। इस संबंध में पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति के  प्रांतीय अध्यक्ष उदय पंडो ने कहा कि गांव में पैसा बचाने के चक्कर में नौसिखिया ड्राइवरों को ट्रैक्टर चलाने के लिए एवं अन्य चार चक्का वाहन चलाने के लिए दे देते हैं जिनके पास ड्राइवरी लाइसेंस भी नहीं रहता है। जिनके द्वारा आए दिन ऐसी घटनाएं हो जा रही है। जिस पर तत्काल रोक लगाए जाने की आवश्यकता है।

थ्रेशर बंद कर देते तो नहीं होती घटना-

बंधु जब थ्रेसर से धान की कटाई कर रहा था तब धान थ्रेसर में फस गया था जिसे बंद करके निकालना चाहिए था परंतु उसे बंधु एवं ड्राइवर के द्वारा बिना बंद किए ही निकाला जा रहा था जिस कारण पहले बंधु का हाथ गया उसके बाद पूरा शरीर थ्रेशर के अंदर चला गया।

2 घंटे की मशक्कत के बाद शव को निकाला जा सका-

थ्रेसर में इस प्रकार से शव फस गया था कि उसे निकालना बहुत मुश्किल हो रहा था थ्रेशर को खोलकर जेसीबी का प्रयोग किया गया जिसके बाद ही शव को 2 घंटे बाद निकाला जा सका। बंधु पंडो का कमर के ऊपर से पूरा शरीर का हिस्सा बुरी तरीके से पीस गया था।

दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया-

बंधु पंडो का 1 वर्षीय पुत्र एवं 3 वर्षीय पुत्री है बंधु के आकस्मिक मृत्यु के बाद दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। बंधु अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था।

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