रासेयो ने आन लाईन मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस एवं इन्दिरा की पुण्य तिथि

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

लौह पुरूष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के 145वीं जयंती एवं प्रियदर्शिनी भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री आयरन लेडी स्व0 इन्दिरा गांधी की 36वीं पुण्य तिथि को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में कोविड-19 संक्रमण के कारण राष्ट्रीय सेवा योजना कोरिया एवं सूरजपुर के द्वारा गूगल मीट पर वर्चुअल माध्यम से मनाया गया। कार्यक्रम राज्य रासेयो अधिकारी एवं पदेन उप सचिव डाॅ समरेन्द्र सिंह के संरक्षण, डाॅ ए के सिन्हा कार्यक्रम समन्वयक संत गहिरा गुरू विष्वविद्यालय सरगुजा अम्बिकापुर के मुख्य आतिथ्य एवं डाॅ ए सी गुप्ता प्राचार्य अग्रणी महाविद्यालय बैकुण्ठपुर के अध्यक्षता तथा प्रो एम सी हिमधर जिला संगठक के संयोजन एवं संचालन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला संगठक, डाॅ आशुतोष देऊस्कर सहा प्राध्या मनोविज्ञान एवं स्वयं सेवकों द्वारा सरदार पटेल एवं इन्दिरा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। राजकीय गीत के साथ अमृता सिंह के द्वारा राष्ट्रीय एकता गीत की प्रस्तुति वरिष्ठ दी गई। डाॅ आर एन कच्छप प्राचार्य एवं कार्यक्रम अधिकारी शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय बैकुण्ठपुर ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा की सरदार पटेल एवं इन्दिरा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व देश ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व के लिए प्रेरणादायी है। कार्यक्रम के अध्यक्ष डाॅ ए सी गुप्ता ने आॅन लाईन राष्ट्रीय एकता का शपथ – मैं राष्ट्र की एकता, अखण्डता, और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मै यह शपथ अपने देश की भता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदिर्शता एवं कार्यो द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ, दिलाते हुए दोनों महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। स्वयं सेवकों की ओर से आकाश सिंह ने सोलो एकता डान्स की प्रस्तुति दी। काव्य पाठ अन्तर्गत प्रीति पाण्डेय, सिमरन परवीन, शबाना बेगम, दीपशिखा देवांगन, प्रेरणा गीत अन्तर्गत रूपाली, सोनिया, मनीता तथा भाषण अन्तर्गत प्रीति यादव एवं कोमल एवं बिहारी लाल साहू ने विचार रखे। वक्ता के रूप में डाॅ राम किंकर पाण्डेय कार्यक्रम अधिकारी शासकीय लाहिड़ी महाविद्यालय चिरमिरी ने इन्दिरा गांधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है।

इन्दिरा जी आजादी की लड़ाई में बचपन से ही जुड़ी रही। राजनीति उन्हें विरासत में मिली थी। 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध, बंगलादेश को स्वतंत्र करने में महत्वपूर्ण भूमिका, परमाणु बम परीक्षण और आपात काल जैसे कठोर निर्णय इन्दिरा की उपलब्धि रही है। शैलेश मिश्रा सहा प्राध्यापक राजनीति शा महाविद्यालय सोनहत ने सरदार पटेल के जीवन को रेखांकित करते हुए कहा कि- महात्मा गांधी जी के साथ भारत की आजादी के आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाई तथा आजादी उपरान्त देश की एकता और अखण्डता के लिए कार्य करते हुए छोटे-बड़े 562 देशी रियासतों का एकीकरण करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके जीवन की प्रेरणा हमें समूह लक्ष्य को पाने के लिए प्रेरित करती है। मुख्य अतिथि डाॅ ए के सिन्हा ने संबोधित करते हुए कहा कि- आज महत्वपूर्ण दिवस है, जहां एक लौह पुरूष एवं आयरन लेडी को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलकर एक आधुनिक एवं समृद्ध भारत निर्माण करने का संकल्प ले रहे है। स्व इन्दिरा राजनीति की धूमकेतु मानी जाती थी। सरदार पटेल जी यदि न होते और देशी रियासतों का एकीकरण न होता तो आज भारत एक सम्प्रभु राष्ट्र नहीं होता। भारत विविधताओं से भरी हुई है, इसलिए हमें एकता की जरूरत पड़ती है, और एकता का भाव ही देश को मजबूत बनाता है। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी प्रो सी बी मिश्रा, शिव शंकर राजवाड़े, दिलीप कुमार शर्मा, अतुल वर्मा, हरिकान्त अग्निहोत्री ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला संगठक प्रो एम सी हिमधर ने स्वयं सेवकों को सरदार पटेल एवं स्व इन्दिरा गांधी जी के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेने की बात कही और राष्ट्रीय एकता के संकल्प को आत्मसात करते हुए जन- जन तक प्रसारित करने का आव्हान किया। कार्यक्रम में कोरिया एवं सूरजपुर जिले के विभिन्न महाविद्यालय एवं विद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी तथा स्वयं सेवक शामिल हुए। कार्यक्रम का तकनीकी संयोजन वरिष्ट स्वयं सेवक देवनारायण सिंह के द्वारा किया गया। अंत में आभार प्रदर्शन डाॅ आर एन कच्छप ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम सहायक मो आरीफ ढेबर, संजय, वरिष्ठ स्वयं सेवक सिमरन परवीन, शबाना बेगम, शिवम सागर, प्रियांषु और आकाश सिंह का सक्रिय योगदान रहा।

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