इस दिपावली तीन ग्रहों का दुर्लभ योग……499 साल बाद नरक चैदस और लक्ष्मी पूजन एक साथ

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


षास्त्रो के जानकारो के अनुसार 499 साल बाद नरक चैदस और लक्ष्मी पूजन एक साथ, तीन ग्रहों का दुर्लभ योगकार्तिक मास की त्रयोदशी से भाईदूज तक दीपावली त्योहार मनाया जाता है, लेकिन इस बार छोटी व बड़ी दीवाली एक ही दिन है। कार्तिक मास की त्रयोदशी इस साल 13 नवंबर की है। नरक चतुदर्शी व दिवाली 14 नवंबर को है।
दरअसल ऐसा दुर्लभ संयोग 499 साल बाद पड़ रहा है।

पंडित रमेश शुक्ला ने बताया कि इस बार दिवाली का पर्व शनिवार को है। इस कारण तंत्र पूजा के लिए खास रहेगा। इस साल नरक चैदस यानी छोटी दिपावली और लक्ष्मी पूजा बड़ी दीपावली का त्योहार एक दिन 14 नवंबर को मनाई जाएगी। गुरु ग्रह अपनी राशि धनु में और शनि अपनी राशि मकर में रहेगा। शुक्र ग्रह कन्या राशि में नीचे का रहेगा।
इस तीन बड़े ग्रहों का ये दुर्लभ योग 499 साल बाद बन रहा है।

इससे पहले 1521 में गुरु, शुक्र और शनि का ये योग बना था। उस समय नौ नवंबर को दीपावली मनाई गई थी। गुरु और शनि व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले कारक ग्रह माने जाते हैं। ये दो ग्रह दीपावली पर अपनी राशि में होने से धन संबंधी कामों में कोई बड़ी उपलब्धि मिलने का समय रहेगा।

धनतेरस के दिन शाम तक खरीदी शुभ

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास की कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इसे धन त्रयोदशी भी कहते हैं। धनतेरस का त्योहार 13 नवंबर को मनाया जाएगा। कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान धन्वंतरी की पूजा का विधान से की जाती है। इस दिन नए सामान की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। धनतेरस 13 अक्टूबर को शाम छह बजे तक है। इसके बाद चैदस शुरू होगा।

नरक चतुदर्शी और शुभ मुहूर्त

चतुदर्शी तिथि को छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करके यम तर्पण एवं शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व है। इस दिन स्नान का शुभ मुहूर्त 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 6 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। दिपावली के साथ 14 नवंबर को नरक चतुदर्शी भी मनाई जाएगी। नरक चतुदर्शी का त्योहार हर साल कार्तिक कृष्ण चतुदर्शी तिथि को मनाई जाती है।

गोवर्धन पूजा और शुभ मुहूर्त


मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के घमंड का नाश किया था। गोवर्धन पूजा दिपावली के चैथे दिन मनाया जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को तीन बजकर 50 मिनट से शाम छह बजकर 14 मिनट तक है। दिपावली के बाद गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाता है।

दिपावली की तैयारी शुरू

दिपावली को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों ने नया स्टाक भी मंगवाना शुरू कर दिया है। कोरोना के चलते लाकडाउन के कारण व्यापारियों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इसके कारण व्यापारी यह उम्मीद लगाए हुए हैं कि इस बार दिपावली में भरपाई हो जाएगी। इलेक्ट्रानिक्स की दुकानों में अभी से ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगी है। इधर लोगों ने भी दिपावली की तैयारी शुरू कर दी है।

हालांकि कोरोना के कारण इस बार दिपावली को लेकर पहले जैसा उत्साह अभी नहीं है लेकिन व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। दिपावली को लेकर लोगों ने घरों की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन का कार्य भी शुरू कर दिया है। बाजारों में चहल पहल बढ़ गई है।

खरीदारी के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि के साथ कई योग बन रहे

4 नवंबर – सर्वार्थसिद्धि योग- सभी कार्य की खरीदारी के लिए फलदाई।
6 नवंबर – रवि, सर्वार्थसिद्धि व कुमार योग- प्रापर्टी, वाहन व इलेक्ट्रानिक आइटम खरीदने के लिए श्रेष्ठ।
7 नवंबर – त्रिपुष्कर व रवि योग- वाहन खरीदने व व्यापार शुभारंभ के लिए शुभ।
8 नवंबर – राजयोग, रवि पुष्य योग और सर्वार्थसिद्धि योग-हर खरीदारी रहेगी लाभप्रद।
9-10 नवंबर – कुमार योग – इलेक्ट्रानिक आइटम खरीद के लिए शुभ।
12 नवंबर सर्वार्थ सिद्धि योग – सूर्योदय से अगले दिन दोपहर 2.30 तक। इस योग में मांगलिक कार्य व विभिन्ना गृह उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करना लाभदायी होता है।
13 नवंबर धनतेरस – अबूझ मुहूर्त दिवस, प्रदोष व हस्त नक्षत्र योग रहेगा। इस दिन वाहन, भूमि, भवन, आभूषण व वस्त्र आदि की खरीदारी करना मंगलकारी रहेगा।
11 व 14 नवंबर सर्वार्थ सिद्धि योग – वाहन खरीदने, व्यापार शुभारंभ के लिए लाभदायक।

धनतेरस के दिन शाम तक खरीदी शुभ

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास की कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इसे धन त्रयोदशी भी कहते हैं। धनतेरस का त्योहार 13 नवंबर को मनाया जाएगा। कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान धन्वंतरी की पूजा का विधान से की जाती है। इस दिन नए सामान की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। धनतेरस 13 अक्टूबर को शाम छह बजे तक है। इसके बाद चैदस शुरू होगा।

नरक चतुदर्शी और शुभ मुहूर्त

चतुदर्शी तिथि को छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करके यम तर्पण एवं शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व है। इस दिन स्नान का शुभ मुहूर्त 5 बजकर 23 मिनट से सुबह 6 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। दिपावली के साथ 14 नवंबर को नरक चतुदर्शी भी मनाई जाएगी। नरक चतुदर्शी का त्योहार हर साल कार्तिक कृष्ण चतुदर्शी तिथि को मनाई जाती है।

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