वाहनों में मिट्टी तेल का उपयोग, कार्रवाई बंद, राषन दुकानदार खुलेआम उडा रहे षासन के नियमो का माखौल

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर सहित जिले में करीब 10 वर्ष पहले वाहनों में मिट्टी तेल का उपयोग किए जाने पर कार्रवाई की जाती रही है। लेकिन अब एकाएक इसे बंद कर दिया गया है। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके लिए आरटीओ व खाद्य विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिर भी इन दोनों विभाग द्वारा छोटे-छोटे वाहनों में मिट्टी तेल का उपयोग किए जाने पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि पूर्व में बैकुन्ठपुर में कई मामले मिट्टी तेल से वाहन चलाए जाने को लेकर थे।

वितरण को लेकर हिसाब नहीं

जिले भर में शासन द्वारा हर दो से तीन माह के भीतर सैंकड़ों किलोलीटर मिट्टी का तेल जारी किया जाता है। हाल में ही यहां सैकडो किलोलीटर मिट्टी का तेल जारी किया गया है। लेकिन यह तेल कहां जा रहा, कहां वितरण हो रहा, इस संबंध में कोई भी हिसाब नहीं। क्योंकि यहां मिट्टी तेल का आबंटन के बाद जांच के लिए विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थिति ऐसी है कि विभिन्न जगहों में हाकरों द्वारा मिट्टी तेल बेचा जाना है। इसका भी हिसाब नहीं है। ऐसे में मिट्टी तेल शासन द्वारा जारी किए जाने के बाद जांच जरुरी है।

ये है कार्डधारीयो को मिट्टी तेल देने के नियम


खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्रदेश के उचित मूल्य की दुकानों व हाकरों द्वारा नवंबर माह में उपभोक्ताओं को वितरण के लिए केरोसिन का आबंटन जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रचलित राशनकार्डों एवं हाकरों के लिए माह नवंबर के लिए केरोसिन का आबंटन जारी किया गया। बताया जा रहा है कि नवंबर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रचलित सभी प्राथमिकता, अंत्योदय एवं अन्नपूर्णा राशनकार्डों को केरोसिन की पात्रता होगी।

नगरीय क्षेत्रों में अधिकतम दो लीटर मिट्टी तेल


खाद्य विभाग का कहना है कि नगरीय क्षेत्रों के राशन काडर्धारियों को अधिकतम दो लीटर मिट्टी तेल, ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों में अधिकतम तीन लीटर तथा गैर अनुसूचित क्षेत्रों के राशन काडर्धारियों को अधिकतम दो लीटर केरोसिन की पात्रता होगी। केरोसिन वितरण करने वाले हॉकर जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित उचित मूल्य के दुकान के समक्ष खड़े होकर राशन कार्डधारियों को केरोसिन वितरण करेंगे। हाकरों के लिए प्रति हाकर 85 लीटर के मान से पृथक आबंटन जारी किया गया है।

उज्जावला गैस कनेक्षन के बाद भी मिट्टी का तेल क्यो


प्राप्त जानकारी अनुसार पूरे जिले में करीब 15 हजार से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री उज्जावला योजना के तहत गैस सिलिंडर दिया गया है। इसके बाद भी जिले में हर एक-दो माह के भीतर सैंकड़ों लीटर मिट्टी का तेल खपत करने दी जा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री उज्जावला योजना के तहत दिए गए गैस के कारण भी स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं। यहां बताना लाजमी है कि केंद्र सरकार ने उज्जावला गैस कनेक्शन लाने के बाद मिट्टी तेल देना बंद कर दिया है।

बीपीएल परिवार को गैस देने के साथ मिट्टी तेल देने की योजना बंद किया जाना था। इसीलिए हर गरीब को उज्जाावला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। जिनको गैस मिल गया उन्हें मिट्टी तेल का लाभ नहीं मिलेगा। राशन दुकान पर कार्ड में मिट्टी तेल बंद लिखा जा रहा है। इसके बाद भी लगातार मिट्टी तेल की खपत बढ़ती जा रही है।

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