तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . रायपुर
भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता श्री संजय श्रीवास्तव ने महात्मा गांधी के प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास की तिथि के राजनीतिक इस्तेमाल करने पर प्रदेश कांग्रेस और उसकी राज्य सरकार से पूछा है कि अपनी सत्ता-पिपासा के लिए वह कब तक गांधीवाद के नाम पर राजनीतिक प्रपंच करती रहेगी? श्री संजय ने कहा कि गांधीजी के राजनीतिक चिंतन और दर्शन से पूरी तरह पल्ला झाड़कर एक ख़ानदान के इर्द-गिर्द सिमटकर रह गई कांग्रेस के नेता गांधीजी को भले भुला बैठे हैं परंतु अपने राजनीतिक चरित्र और आचरण से कांग्रेस का नाम-ओ-निशान मिटाने का काम करके ज़रूर वे गांधीजी के एक सच्चे अनुयायी की तरह काम कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 20 दिसम्बर, 1920 को महात्मा गांधी के पहली बार छत्तीसगढ़ आने के सौ वर्ष पूर्ण होने पर रविवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गांधीजी के नाम की दुहाई देकर उनके सपनों को साकार करने की बात कहकर अपने पाखंडी राजनीतिक चरित्र को ही व्यक्त किया है। श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार गांधी और गांधी दर्शन को अपने वोट और सत्ता की राजनीति के लिए ही इस्तेमाल करने तक सीमित रह गई है। यदि कांग्रेस की प्रदेश सरकार सचमुच गांधीजी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाने के लिए संकल्पित होती तो अपने वादे के मुताबिक़ छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी लागू कर चुकी होती, लेकिन जिनके राजनीतिक डीएनए में छल-प्रपंच, झूठ और नफ़रत की सियासत करना शामिल हो चुका है, वे गांधी के सपनों तक का मज़ाक़ बनाकर रख देने में ज़रा भी नहीं हिचकिचा रहे हैं और अब शराब के क़ारोबार के साथ-साथ ड्रग्स के क़ारोबार को जोड़कर प्रदेश को नशे की अंधी खाई में धकेलने में लगे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महात्मा गांधी की दुहाई दे रही कांग्रेस की राज्य सरकार ने तो उनके छत्तीसगढ़ आगमन के शताब्दी वर्ष के मौक़े पर भी कोई शासकीय आयोजन तक नहीं रखा। एक ख़ानदान की वंदना और परिक्रमा में अपने राजनीतिक पराक्रम का प्रदर्शन करने में मशगूल प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के लोगों को आत्म-प्रचार की प्रवृत्ति से उबरकर गांधीजी के नाम की दुहाइयाँ देना बंद करना चाहिए और अपनी वादाख़िलाफ़ी, धोखाधड़ी, प्रदेश में महिलाओं की जान व अस्मत से हो रहे वहशियाना खिलवाड़, बढ़ती हिंसा, किसानों के जीवन व आत्म-सम्मान पर छाए संकट और प्रदेश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के लिए शर्म महसूस कर एक सच्चे गांधीभक्त की तरह प्रायश्चित करना चाहिए। श्री संजय ने कहा कि कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार को तो अब कमीशनख़ोरी के तौर पर पहुँचने वाली रकम पर ही गांधीजी को देखने की बुरी लत लगी है। प्रदेश सरकार गांधाजी और उनके दर्शन को जीने के बजाय मौक़े-बेमौक़े गांधीजी के सियासी इस्तेमाल में लगी है। वर्तमान कांग्रेस पार्टी को महात्मा गांधी की बजाय राहुल गांधी ज्यादा पसंद है इसलिए उन्हें फिर से कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने लगे है और सच्चे गांधी को भुला बैठे ।
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