नये साल के स्वागत की तैयारी में जुटे लोग…….जिले के प्रमुख टूरिस्ट स्पाॅट जहाॅ सालो भर होते हैं मेले का आयोजन

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

नववर्ष को लेकर हर तरफ उमंग है पुराने साल के घण्टो की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है नया साल आने में महज कुछ ही घण्टे ही शेष बच हैं। जिले भर के लोग नये साल के स्वागत की तैयारी के लिए जुटे हैं सभी जगहों पर नये लुक में स्वागत की तैयारी की जा रही है । कोरोना काॅल के बावजूद जिले के विभिन्न पिकनिक स्पॉट पर लोगों की भीड़ जुटने लगी है। क्षेत्र स्थित नदीयो के टटो पर के साथ साथ अन्य स्पाॅट भी क्षेत्र लोगों को बरबस खींचने लगें है। डीजे की धुन, बैंड बाजा की गूंज पर नए साल की उमंग में हर युवाओं एवं बच्चे को झुमते गाते देखा जाता है। इसके लिए लोग पहले से ही जगह तलाशने की तैयारी कर लेते हैं। पसंदीदा पिकनिक स्पाॅट में सुबह से ही लोग दिन भर लोग आनंद उठाते हैं।

मनपसंद स्पाॅट पर जायेगें लोग


लोग पिकनिक मनाने के लिए अपनी पसंदीदा स्थल का चयन कर रहे हैं विभिन्न संस्थाओं व उत्साही युवकों की टोली द्वारा नववर्ष के स्वागत की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। बीते साल को अलविदा कहने व नववर्ष का स्वागत के लिए कई जगहों पर पार्टी का आयोजन किया गया है क्लब व होटलों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। शहर के गेज और झुमका जलाशयो में स्थित पिकनिक स्पॉट पर नववर्ष के मौके पर लोगों का जमावड़ा लगा रहता है इसके अलावे अमृतधारा, गौरघाट जल प्रपात के कुछ अन्य लोकल स्पाॅटो में भी पहली जनवरी को लोगों की भीड़ होती है जबकि कुछ बच्चे व युवा स्थानीय नरसरियो में भी पिकनिक की तैयारी कर रहे हैं।

अमृत धारा


जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखण्ड के ग्राम बरबसपुर के निकट हसदो नदी पर बने वाला अमृतधारा जलप्रपात का विंहगम दृष्य तो देखते ही बनता है। हसदो नदी यहां चट्टानों के मध्य से होकर करीब 200 फीट की ऊचाई से गिरकर इस मनोरम जलप्रपात का निर्माण करती है। यह जलप्रपात कोरिया जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के नागपुर-लाई से 10 किलोमीटर उत्तर की ओर खुबसूरत घाटी में स्थित है। गिरते झरने के बीच ओस जैसी बूदों को निहारना निश्चित ही मन को शीतलता व आखों को सुकून प्रदान करती है। प्रदेष के अन्य हिस्सों सहित पड़ोसी राज्यों से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते है। बारिष, ठण्ड और गर्मी तीनों ही मौसमों में इस जलप्रपात के अनुपम रूप और अलग-अलग दृष्य देखने को मिलते है। हरी-भरी वादियों के बीच नैसर्गिक संपदाओं के लुभावने दृश्य को समेटे इस जल प्रपात की कल-कल की मधुर स्वर लहरी तन-मन को अपनी फुहारों से भिगा देती है। छत्तीसगढ़ में अमृतधारा जलप्रपात प्रमुख पर्यटन स्थल के रुप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। यहां के मनोरम दृश्य को पर्यटक अपने कैमरे में कैद करने हेतू बरबस ही यहां खीचें चलें आते है। इस झरने के समीप एक शिव मंदिर है जहां हर साल शिवरात्रि के समय मेला का आयोजन किया जाता है। यह परम्परा 1936 ईसवी से ही राजा रामानुज प्रताप सिंह जूदेव के समय से चली आ रही है।
गवर घाट झरना
धीरे धीरे अमृतधारा झरना के बाद पर्यटको में अपनी पहचान बनाता गवर घाट झरना देखना अदभुत प्रतित होता है हासदेव नदी पर स्थित गवर घाट झरना कोरिया से 40 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। गवरघाट झरना देखने के बाद पर्यटक अगर यहां की गांवों की संस्कृतियों से रुबरु होना चाहते है तो वे तर्रा गांव घूमने जा सकते हैं। जोकि गवर घाट झरने से 5 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

अकुरी नाला


अकुरी नाला को छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक एयरकंडीशनर कहा जाता है। यह बैकुंठपुर से 65 कि.मी. की दूरी पर बंसीपुर गांव में स्थित है। यहां पर पूरा दिन पानी की ठंड़ी फुहारें उड़ती रहती हैं। इन फुहारों में भीगना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। माना जाता है कि इन फुहारों में भीगने से पर्यटकों की थकान उतर जाती है। अकुरी नाले के आस-पास पर्यटक जंगलों और पहाड़ों के खूबसूरत दृश्य भी देख सकते हैं। गर्मियों में भी अकुरी नाला का वातावरण काफी सुहावना और ठंड़ा होता है।

गांगीरानी

जिले के सोनहत तहसील अंतर्गत ग्राम रामगढ के समीप गांगीरानी में प्राचीन हनुमान जी की मूर्ति है। जहाॅ आज भी प्रतिवर्ष शिवरात्रि के दिन मेला भरता है। यह मेला तीन दिनों तक चलता है। यहाॅ प्रतिवर्ष आस पास सहित दूर दराज के श्रद्धालुगण शिवरात्रि के दिन यहाॅ पूजा अर्चना करने के लिए पहुॅचते है। क्षेत्रीय स्तर पर यहाॅ की प्रसिद्धी काफी है।

हरचैका मंदिर

भरतपुर जनपद क्षेत्र में छग के अंतिम छोर पर मवई नदी के किनारे स्थित ग्राम हरचैका में विभिन्न दिशाओं में पत्थरों को काटकर गुफानुमा मंदिर स्थित है। जिसके प्रत्येक खाने में अलग अलग दिशा में शिवलिंग स्थापित है। यहाॅ भी प्रतिवर्ष विभिन्न धार्मिक अवसरों पर दूर दराज के लोग पहुॅचते है। मंदिर के पास ही मवई नदी स्थित है जिसके उस पार मप्र के सीधी जिले की सीमा है। यहां के लोगो की आस्था भी हरचैका मंदिर से जुडी हुई है। मंदिर के पुजारी के द्वारा यहाॅ आने वाले सभी लोगो ंको मवई नदी के तट पर स्थित चटटानों में विशाल पैरों के निशान दिखाए जाते है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह भीम के पैर का निशान है।

रमदहा जल प्रपात

भरतपुर जाने के दौरान मुख्य मार्ग पर ग्राम चुटकी से भंवरखोह मार्ग पर घने जंगलों व पहाडों के बीच बहती बनास नदी यहां सुन्दर झरना निर्मित करती है। लगभग 150 फीट की उॅचाई से गिरती जलधारा लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती है। क्षेत्रीय लोगो ंके अनुसार भगवान राम वन गमन के दौरान यहां से गुजरे थे इस लिये इस जलप्रपात का नाम रमदहा दल प्रपात पड़ा है।

कोटेश्वर महादेव

जिले के खडगवा तहसील के देवाडांड के समीप कोटेश्वर नामक स्थल है, यहां कई वर्ष पुरानी पुरातत्विक मुर्तियां मौजूद है। यह स्थल हसदेव और बभनी नदी के संगम पर स्थित है। यहां प्रचीन प्रतिमाओं के अवशेष मौजूद है।

नव वर्ष में जिले के विभिन्न पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर शांति व्यवस्था बनाये रखने संयुक्त दल गठित

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सत्य नारायण राठौर ने नव वर्ष में कल 29 दिसंबर से 3 जनवरी तक जिले के विभिन्न पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए संयुक्त दल का गठन किया है। जिसके तहत झुमका बोट क्लब, वेस्ट वियर एवं आक्सीजोन पर्यटन स्थल पर तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी बैकुण्ठपुर ऋचा सिंह, सिटी कोतवाली बैकुण्ठपुर के नगर निरीक्षक के.के.षुक्ला एवं आबकारी उप निरीक्षक सविजिता रानू भगत तैनात रहेंगी।
इसी तरह अमृतधारा जलप्रपात पर्यटन स्थल पर नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी मनेन्द्रगढ़ श्रविप्लव श्रीवास्तव, पुलिस चैकी नागपुर के सहायक उपनिरीक्षक सुबल सिंह एवं आबकारी उपनिरीक्षक वेद प्रकाष इन्दुआ, गौरघाट एवं बालम पहाड़ पर्यटन स्थल पर नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी सोनहत विभोर यादव, थाना सोनहत के नगर निरीक्षक जे.आर.बंजारे एवं आबकारी उपनिरीक्षक विजिता रानू भगत तथा जटाषंकर गुफा पर्यटन स्थल पर नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी केल्हारी राममिलन षर्मा, थाना केल्हारी के नगर निरीक्षक जनक कुर्रे एवं आबकारी उपनिरीक्षक वेद प्रकाष इन्दुआ संबंधित स्थल का सतत निरीक्षण एवं निगरानी तथा कानून व्यवस्था लोक सुरक्षा एवं लोक स्वास्थ्य, क्षेम बनाये रखने के संबंध में आवष्यक कार्यवाही सुनिष्चित करेंगे।

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