तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
मकर संक्रातिं को लेकर उहापोह के हालात इस बार लोगो में नही रही । इस बार लोगो ने 14 जनवरी को ही मकर संक्राति मनाया। जबकि विगत वर्षो में त्योहार की तारिखो को लेकर लगातार उहापोह की स्थिति बनी रहती थी। इस पर जहा तिल से बनी मीठे खाद्य पदार्थ के सेवन का प्रचलन है। तिलकुट व तिल लड्डुओं की मिठास के बिना यह पर्व कुछ भी नहीं। पर इस वर्ष तिल व गुड़ के दामों में आई तेजी का असर पर्व पर भी पड़ सकता है। इन चीजों की कीमतों का असर उनसे बनने वाली मिठाइयों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि इस बार मकर संक्रांति की तिल वाली लड्डू की मिठास महंगी हा गई। अभी शक्कर बाजार में 40 रुपये किलो मिल रही है। शक्कर में तेजी का असर गुड़ के दाम पर भी पड़ा है। पिछले वर्ष इन्हीं दिनों में गुड़ का दाम 30 से 35 रुपये किलो था। इस साल इसकी कीमत 45 रुपये किलो है। महंगे गुड़, तिल व शक्कर के कारण तिल से बनी मिठाइयां गरीब तबके की पहुंच से बाहर हो गया है। बताया जाता है कि गुड़ की आवक काफी कम है। संक्रांति के कारण इसकी डिमांड कुछ अधिक है। वैसे भी ठंड के मौसम में गुड़ की मांग अधिक रहती है। पर कीमत बढ़ जाने से इसका असर बिक्री पर पड़ा है।
शहर में जगह-जगह सजीं थी दुकानें
मकर संक्रांति को लेकर शहर में जगह-जगह तिल से बनी मिठाइयों की दुकानें सज गई हैं। शहर के घडी चैक, बस स्टैण्ड, सब्जी मण्डी सहित अन्य कई स्थानों पर भी तिल से बनी मिठाइयों की बिक्री रविवार को जमकर हुई। वही पर मांेहल्लो में कुछ फेरी वाले भी घूम-घूमकर तिल की मिठाइयां तिलकुट, तिल पापड़ी आदि बेच रहे हैं।
तिल का भाव 240 रुपये प्रति किलो
मकर संक्रांति की खास मिठाई समझे जाने वाली तिलकुट के साथ गुड़ व तिल के लड्डू सहित तिल के अन्य मिठाईओ पर महंगाई की मार साफ दिखने लगी है। लड्डू व पापड़ी बेचने वाले व्यवसायी ने बताया कि थोक बाजार में तिल की कीमत 180 से 200 रुपये है, वहीं खुदरा बाजार में तिल 220 से 240 रुपये तक बिक रही है। जिससे तिलकुट की कीमतें भी बढ़ी हैं। कीमत बढ़ने का असर ग्राहकी पर भी पड़ा है।
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