तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
जिले में पल्स पोलियो अभियान के अंर्तगत शून्य से पांच वर्ष तक के शत प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गयी। इस बारे में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एस.एस.सिंह ने बताया,” पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए इसके लिए बनाये गए माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य किया गया है अभियान के अंतर्गत जिलें में लक्षित 89,977 के स्थान पर 90875 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई गई मतलब साफ़ है कि हमने शत प्रतिशत लक्ष्य से अधिक बच्चों को इस अभियान में कवर किया है डॉ. एस.एस.सिंह के अनुसार,” प्रथम दिवस 73,068, द्वितीय दिवस 13,363 एवं अंतिम दिन 4,444 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गयी । जिसकी निगरानी में 99 पर्यवेक्षको के द्वारा ,ट्रांजिट टीम के द्वारा भागीदारी निभाई गई। हमने 101 प्रतिशत आंकडे को प्राप्त किया जो गर्व का विषय है”।
पल्स पोलियो अभियान की जानकारी देते हुए सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा ने बताया,”हमारा लक्ष्य रहा सभी बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाई जा सके इसके लिए जिले के सभी साथी गण बधाई के पात्र है। पल्स पोलियो अभियान को लेकर लोगो में जागरुकता बढी है जिससे हमने लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है”।
उन्होने बताया ,”केन्द्रों में बच्चों को पोलिया वैक्सीन की दो-दो बूंद पिलाने के लिए शासकीय कर्मचारियों और मितानिनों की तैनाती के साथ ,पल्स पोलियो के लिए मेला एवं बाजार स्थल तथा मोबाइल टीम टीकाकरण के जरिये भी खुराक की व्यवस्था रहने से आषातीत सफलता मिली है”।
31 जनवरी से 2 फरवरी तक चलाये गए इस अभियान के अंतर्गत 31 जनवरी को बूथ दिवस मनाया गया था जिसमें बच्चों को पोलियो बूथ पर पोलियो की खुराक पिलाई गयी वहीँ बूथ पर न पहुँचने वाले बच्चों को कवर करने के लिए 1 व 2 फरवरी को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चो को पोलियो की खुराक पिलाई गई थी। इस बार इस अभियान को ‘’दो बूंद हर बार पोलियो पर जीत रहे बरकरार’’ मंत्र के साथ चलाया गया ।
प्रदेश में पल्स पोलियो अभियान के तहत शून्य से लेकर पांच वर्ष तक के 35 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। अभियान के तहत 31 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश भर में बनाए गए विभिन्न बूथों में बच्चों को दवा पिलाई गई। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों में मोबाइल टीमों के माध्यम से बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाने की व्यवस्था की गई थी। 31 जनवरी को दवा पीने से रह गए बच्चों को मॉप-अप राउंड के दौरान 1 फरवरी और 2 फरवरी को घर-घर जाकर दवा की खुराक दी गई।
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