हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी बंद नही हुई स्वास्थ्य का चूरन बाटने वाली अवैध दुकाने
तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
विगत वार्षो में हाईकोर्ट द्वारा मौत के सौदागर तथाकथित डॉक्टरों के उपर कार्रवाई करने का निर्देश जारी होने के बाद छिटपुट कार्यवाईयो के बाद जिले का स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में सो गया। गत वर्ष मुख्य सचिव स्वास्थ्य छत्तीगढ ने स्वास्थ्य विभाग को ऐसे डॉक्टरों की कुंडली बनाकर मंत्रालय में पेश करने को कहा था किन्तु स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरतने के कारण जिले में विगत दो वर्षो में कार्यवाई के नाम पर कुछ नही रहा है। एैसे में क्षेत्र में इन अवैध रुप से संचालित हो रहे क्लिनिको और दवाखानो पर जिला प्रशासन इतना मेहरबान क्यो हैं यह बात अपने आपमें बहुत कुछ कहता है।
जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर में हर ओर अवैध रुप से संचालित इन दवाखानो में बेधडक मरिजो का ईलाज किया जा रहा है। और तो और इन दवाखानो द्धारा बकायदा पर्चे बटवाकर अपना प्रचार प्रसार किया जाता है। इस पर आज तक जिला प्रशासन ने कार्यवाही क्यो नही की यह बात समझ से परे है। इन लोगो के कारनामो से जिले का स्वास्थ्य महकमा अंजान भी नही है। गौरतलब हो कि कोरिया जिले में लगभग 200 क्लिनिक एवं 400 झोलाछाप डाक्टर स्िरकय होने की बात स्वास्थ्य विभाग के जानकार बताते हैं। ईलाज के नाम पर लोगों को उल्लू बनाने वाले ऐसे डॉक्टरों पर लगाम कसने के लिए हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किये थे जिसमें स्वास्थ्य विभाग को उनसे संबंधित तमाम तरह की जानकारी को सूचीबद्घ करके मंत्रालय में पेश करने का निर्देश जारी हुआ है।
बावजूद इसके जिले का स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई में जो नरमी दिखाई। उससे इनके हौसले भी काफि बढ चले थे। जिले में बिना डिग्रीधारी डॉक्टर शहर के सरकारी और बेहतरीन चिकित्सकों को स्वयं के सामने बौना बताते में कसर नहीं रखते। वहीं झोलाछाप डॉक्टर मरीजों को हैवी डोज देकर गरीबों की जान से खिलवाड़ करने में भी कोई कमी नहीं रखते। उक्त डॉक्टरों द्वारा मरीजों से मोटी फीस वसूली जा रही थी ये फर्जी डॉक्टर बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को एक ही प्रकार की दवाईयां देकर कई मासूम जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने में लगे थे। जिसके कारण झोलाछाप डॉक्टर हर चैराहों और गलियों में बैठे देखे जा रहे थे। हाईकोर्ट ने डॉक्टरों की इसी ढर्रे पर लगाम कसने स्वास्थ्य विभाग के लिए सख्त निर्देश जारी किये हैं
ग्रामिणो में इनकी पैठ जायदा
झोलाछाप डॉक्टरों का सबसे ज्यादा क्रेज ग्रामीण क्षेत्रों में है। जरुरत से ज्यादा दवा देने में माहिर ऐसे डॉक्टरों के पास गांव के मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में कथित झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों को तुरंत ठीक करने के लिए एक दो इंजेक्शन के साथ बाटल और कुछ दवाएं दी जाती हैं। जिससे ग्रामीणों को कितना भी तेज बुखार हो उतर जाता है। दवाओं के तत्काल प्रभाव करने के कारण ही ये ग्रामीणों का भरोसा जीतने में सफल हो जाते हैं और उनसे मोटी फीस वसूल लेते हैं। अगर झोलाछाप डॉक्टरों के हाथ हुई मौतों पर नजर दौड़ाई जाए तो जिले में लगभग कई दर्जन मौतें हो चुकी हैं। परंतु आज तक इनके उपर कठोरतम कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे इन मौतों के सौदागरो के हौसले बढ़ रहे हैं।
फैक्ट फाइल
जिले में कार्यरत झोलाछाप डॉक्टर-400
फर्जी डॉक्टरों के लिए जारी नोटिस-00
फर्जी क्लीनिक सील-00
जिले में रजिस्टर्ड क्लिनिको एवं लैबो की संख्या-200
वर्जन……..
जिले में समय-समय पर झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाती रही है। अभी आगे भी कार्यवाई की जायेगी।
डाॅ. रामेश्वर शर्मा – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बैकुन्ठपुर, कोरिया
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