ग्रामीण क्षेत्रों में न बिगडे हालात, सरकार ने दिया निर्देष

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर

जिले में कोरोना की रफ्तार बेलगाम होती जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा कोरोना के रफ्तार को तोड़ने के लिए जुटी हुई है। वर्तमान में जिले में ग्रामिण क्षेत्रो 134 पाॅजेटिव के बजाय अभी भी शहरों क्षेत्रो में 231 पाजेटिव मरिज काफि अधिक सामने आ रहे हैं। इसी प्रकार जिले में सभी ज्यादातर मौत के मामले भी ष्षहरी क्षेत्रो से ही सामने आ रहे हैं सबसे ज्यादा प्रभावित बैकुन्ठपुर और चिरमिरी और मौते इन्ही दोनो क्षेत्रो से ज्यादा सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए अब जिला प्रशासन द्वारा षहरी क्षेत्रो को फोकस किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण की पिछली लड़ाई में सभी लोगों की भागीदारी से जीती थी। वर्तमान लडाई भी हम सावधानी और सभी लोगों के सहयोग से जीतेंगे।

लक्षण के बाद भी षहरी क्षेत्र में लोग सामने नहीं आ रहे

कोरोना जांच को लेकर ष्लोगो में काफी डर है। क्योंकि ष्षहरी क्षेत्र के लोगों में लक्षण होने के बाद भी सामने नहीं आ रहे हैं। वहीं, बैकुन्ठपुर शहर की बात करे तो यहां लोग सामने आ रहे हैं। बैकुन्ठपुर शहर में में प्रतिदिन 200 से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं। ऐसे में यहां की स्थिति सुधरती नजर नही आ रही है। कोरोना संक्रमण का वर्तमान दौर ज्यादा घातक है, बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। ष्षहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड के प्रारंभिक लक्षण वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुशंसित दवाओं का सेवन तत्काल शुरू कराए जाने जरुरत है। ताकि कोरोना संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सके।

शासन ने ग्रामीण क्षेत्र में ध्यान देने दिए हैं निर्देश

स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के ग्रामीण अंचलों में भी कोरोना की दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले व मितानिनों के माध्यम से लक्षण वाले मरीजों को पर्ची और दवाएं (कोविड किट) उपलब्ध कराई जा रही है। जिसका सेवन संबंधित लोग पर्ची में लिखी मात्रा के अनुसार कर सकेंगे। जैसे ही किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार और कोरोना संक्रमण का लक्षण मालूम पड़े उसे कोरोना जांच की रिपोर्ट का इंतजार किए बिना प्रारंभिक तौर पर तयशुदा दवाएं लेनी शुरू कर देनी चाहिए।

राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र की ले रही जानकारी

राज्य सरकार द्वारा प्रतिदिन जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति, अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों एवं लोगों के स्वास्थ्य की जांच-पड़ताल, क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था, रोजगार मूलक कार्यों के संचालन सहित अन्य मामलों की जानकारी ले रहीं है। कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति और रोजी-रोजगार के संकट को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मई और जून माह का खाद्यान्न एकमुश्त मुफ्त में देने का फैसला लिया है। गांवों में ग्रामीणों की रायशुमारी से मनरेगा के कार्य का संचालन किए जाने की भी तैयारी है।

टीकाकरण में पीछे है ग्रामीण क्षेत्र

दूसरी ओर टीकाकरण के मामले में ग्रामीण क्षेत्र काफी पीछे हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में अब तक प्रथम व द्वितीय डोज के करीब एक लाख से अधिक लोगों को टीका लग गया है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में टीकाकरण को लेकर ग्रामीण सामने नहीं आ रहे है। जिला प्रशासन ने ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से कोरोना से बचाव के उपायों को लेकर लोगों को जागरूक और टीकाकरण केलिए प्रेरित करने की अपील की। संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा उपाय है। गांवों में बाहर से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन सेंटर में रखने और उनके टेस्टिंग की व्यवस्था तथा कोरोना गाइडलाइन के पालन के निर्देश दिए गए हैं।

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