तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर में कोरिया कलेक्टर द्धारा लोगो की जान बचाने लगाये गये लाॅकडाउन को लोगो ने बेमानी बना दिया है। बैकुन्ठपुर के बाजारों में अलसुबह से ही हालात आम दिनों से भी ज्यदा बदतर नजर आ रहे हैं। आम दिनों में भी सुबह के समय इतनी भीड़ दिखाई नहीं देती, लेकिन इस कडे लाकडाउन के बीच लोग खरीददारी करने के लिए बाजारों में उमड़ रहे हैं। जिससे संक्रमण की इस चैन को तोड़ना नामुमकिन लग रहा है। सब्जी बाजार में सुबह ही दुकानदार अपनी दुकानों को खोल कर बैठ जा रहे हैं। इसके बाद यहां ऐसी भीड़ उमड़ी रही कि जाम जैसे हालात तक दिखाई देने लग जा रहे है। खासबात यह है कि इस बीच न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी और न ही पुलिस यहां नजर आ रही है। जिस प्रकार से बैकुन्ठपुर के सब्जी वालो ने लापरवाही पूर्वक लोगों को भरकर सामान बेचा जा रहा है। जिससे स्पष्ट लग रहा था कि लोगों न तो संक्रमण का भय है और न ही लाकडाउन का। जबकि कलेक्टर के आदेष में साफ है कि कोई भी दुकान लगाकर सामान नही बेच सकता है। और धुमकर वो ही सामान बेच सकता है जिसे एसडीएम के द्धारा अनुमति दी गई है।

क्या एैसे टूटेगी कोरोना की चैन
कोरोना की दूसरी लहर तेजी के साथ लोगों को संक्रमित कर रही है। इसका प्रभाव भी बहुत ज्यादा देखा जा रहा है। जिससे लोगों के जीवन पर ही बन आई है। यह न तो अब बुजुर्ग देख रही और न ही जवान। जिसके चलते सरकार ने 6 मई तक के लिए लाकडाउन का ऐलान कर दिया। लेकिन इस लाकडाउन की धज्जियां जिस प्रकार से षहर में सुबह लोग उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उससे कोरोना चैन का टूटना असंभव नजर आ रहा है।

लापरवाह हुआ प्रषासन
बल्कि संक्रमण तेजी से एक दूसरे में फैल रहा है। हजारों की संख्या में लोग बाजारों में घूम रहे थे। उधर दुकानदार भी अपनी दुकानों को खोले नजर आ ही जाते हैं। कुछ आधा शटर दुकान खोलकर उसमें कई ग्राहकों को बैठाकर सामान बेचते हुए नजर आ रहे थे। ऐसे में लाकडाउन जैसी स्थिति कहीं बाजार में दिखाई भी नहीं थी। उधर इस लापरवाही को रोकने के लिए प्रशासन ने भी कोई जहमत नहीं उठाई। न तो पुलिस की व्यवस्था थी और न ही प्रशासन के अधिकारी ही सड़कों पर निकल रहे हैं। जिससे यह मनमानी घंटों तक चल रही है। बैकुन्ठपुर में 11 बजे तक सब्जी मण्डी का नजारा डराने वाला नजर आ रहा था।

लगन के चलते बढ़ी भीड़
लगन की सीजन चल रहा है। लोगों के घरों में शादियां है। ऐसे में लोगों को सामानों की जरूरत पड़ रही है। जिसकी वजह से लोग सुबह ही बाजारों में आ जा रहे हैं । दुकान वालो को फोन षटर उठाकर धीरे से कपडा, बर्तन, किराना आदि सामन ले ले रहे हैं। जिस कारण बाजारों में भीड़ बढ़ती ही चली जा रही है। भीड़ अनियंत्रित होकर बाजारों में घूम रही थी। लोग शादियों के लिए जल्दी से जल्दी सामान लेने के चक्कर में सुरक्षित शारीरिक दूरी तक का पालन नहीं कर रहे थे।
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