मुख्यमंत्री का फरमान और विधायक की चिंता के बाद भी जारी है कोल माफिया का कारोबार

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प्रषासन ने मारा छापा, तस्करों हुए फरार

तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


प्रशासन चाहे लाख दावा कर ले, लेकिन कोयले का अवैध खनन व परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसका उदाहरण कोरिया जिले के बैकुन्ठपुर, पटना, कटकोना, पांडवपारा, चिरमिरी व मनेन्द्रगढ सहित कई और क्षेत्र में देखने को मिल जाएगा। इन ईलाको से प्रतिदिन दर्जनों ट्रक, ट्रैक्टर व पिकअप में अवैध कोयला लोड कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से ईंट-भटटो में पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोल तस्कर बेधड़क अवैध कोयला निकाल कर क्षेत्र के ही ईट भटटो में भेज रहे हैं। राजस्व विभाग को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कोयला के अवैध कारोबार में कुछ रसूखदारों के भी नाम सामने आ रहे हैं। कोयला का अवैध कारोबार वर्षों से संचालित है। एैसा नही है कि इसकी जानकारी राजस्व व माइनिंग विभाग को नही है, लेकिन इस पर रोक लगाने सार्थक पहल नहीं की गई। कार्रवाई के नाम पर कभी-कभी गरीब तबके के साइकिल सवार ग्रामीणों से कोयले को जब्त कर लिया जाता है।

कलेक्टर की गठित टिम ने मारा छापा

कोरिया वनमण्डल के जंगल ग्राम मुरमा, पुटा, कटकोना व चिरमरी क्षेत्र में बडे पैमाने में कोयले का काला खेल मिलीभगत से चल रहा है। अवैध कोयले के काले कारोबार के साथ साथ क्षेत्र में पनप रही अन्य गैरकानूनी गतिविधिया जिससे अब लोगो मे भय ब्याप्त है। कोरिया जिले में कोयले के अवैध कार्य को रोकने के लिये कलेक्टर द्वारा गठित टीम ने छापा मार कार्यवाही कर जंगलों से बड़े पैमाने पर कोयला जब्त किया गया है टीम में खनिज विभाग, वन विभाग, एसडीएम की टीम की सयुक्त छापामार कार्यवाही करने पहुंचे । जिस पर समय रहते इसकी सूचना तस्करो को मिल गई और वो सभी टिम के पहुॅचने से पहले ही मौके से फारार हो गये।

280 बोरी कोयला लगा प्रषासन के हाथ

ग्राम पंचायत मुरमा के सरपंच ने अपने समाज व बच्चों के हित मे जंगल से अवैध कोयले उत्खनन को रोक लगाने के लिये शासन प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की थी जिस पर कलेक्टर की संयुक्त टीम ने पुटा के जंगल मे दिन में छापेमारी कार्यवाही की सैकड़ों के संख्या में मजदूर व बाल श्रमिक कोयला खोदने का कार्य रहे थे टीम को देख लगभग 280 बोरी कोयला छोड़ कर भाग खड़े हुये । मौके पर एसडीएम की निगरानी में खनिज विभाग ने लगभग 280 बोरी कोयला जब्ती करते हुये वन विभाग को सौप दिये।

कई जाने जाने के बाद भी ली सुध

पटना क्षेत्र में मुरमा देवखोल कटकोना पंडोपारा एरिया में देर शाम होने के बाद तस्करों की मंडी सजती है । दिन भर कई जगज जंगलों में मजदूरों से कोयला खोड़वाते है रात 8 बजे से 4 बजे भोर तक ढुलाई करते हैं आप अंदाजा लगा लीजिये के इनके काले कारोबार को रोकने टोकने की किसी की हिम्मत नही खुलेआम क्षेत्र में दहसत बनाये हुये है । वन विभाग के जंगलों में कई कई बार अवैध खदान में दबकर मजदूरों की मौत हो चुकी है वही पटना क्षेत्र में चलती कोयला गाड़ी से कोयला उतारने का करोबर भी किया जाता है जिसमे कोयला गाड़ी को चपेट में आने से भी मौत हो चुकी है वही कटकोना कालरी व पंडोपारा कालरी से रेलवे स्टेशन कटोरा में आने वाले कोयला को ट्रक डम्फर हाइवा से बीच रास्ते मे रोककर उतारा जा रहा है एसईसीएल का भारी नुकसान हो रहा है लेकिन सुध लेने वाला कोई नही ।

चरचा में भी बेरोकटोक जारी है कोल कारोबार

वही चरचा कालरी में एसईसीएल के कोयले का अवैध कारोबार जारी है विभागीय जिम्मेदार आँख मुद कर अपनी ड्यूटी पका रहे हैं चिरमिरी क्षेत्र की बात करे तो एसईसीएल व अवैध जंगल से भी काला करोबार जारी है । इसी तरह जिले भर में कोयले के काले खेल से हांथ सने है गाढ़ी कमाई के बजह से हुक्मरान आंख बंद कर सो रहे हैं उन्हें दूरदर्शिता दिखाई नही दे रहा । अगर इसी कदर काला खेल जारी रहा तो कोरिया अपराध जगत का गढ़ बन जायेगा। आज भी कालरी क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के आपराधिक घटनाए व नशा का कारोबार तेज पकड़ा है

मुख्यमंत्री का फरमान के बाद भी जारी कारोबार

मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले दौरे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों के सवाल के जबाब में कहा था जहां भी ऐसी गतिविधिया पायी जायेंगी सम्बंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा । जिसके बाद भी जिले के अधिकारियो ने सीएम के फरमान को भी रददी की टोकरी डाल दिया एैसे अधिकारियो पर कार्यवाई होनी चाहिए। वही इस सबंध में बैकुंठपुर विधायक ने भी अपने बयान में कोयला व अन्य अवैध कारोबार पर कार्यवाही की बात भी कह चुकी है। फिर भी यह काला कारोबार विगत कई वर्षों से घटने के बजाय सिर्फ बढ़ रहा रहा है । यह सवाल अब लोग जिम्मेदारो सेकरने लगे है।

ग्रामिण जनजातियो का कर रहे उपयोग

कोयला का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा है। इस कारोबार में एक्सीवेटर मशीन के अलावा अधिकांश पहाड़ी कोरवा, पंडो जनजाति एवं आदिवासी युवाओं से अवैध खनन कराया जाता है। कोयला तस्करों की माइनिंग एवं राजस्व विभाग में मजबूत पैठ है इसलिए इनका अवैध कारोबार कभी प्रभावित नहीं होता। इलाके के ग्रामीणों ने बताया कि कोयला के अवैध उत्खनन के बारे में माइनिंग, राजस्व विभाग सहित संभाग के उच्चाधिकारियों को भी मालूम है। क्षेत्र के सरपंच का बयान भी यही बता रहा है। पूर्व में कई बार शिकायत की गई लेकिन उच्चधिकारियों द्वारा मामले में गंभीरता नही दिखाने से अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग पा रही है।

ग्रामीणों को इसके लिए मिलती है मोटी रकम

क्षेत्र में अवैध कोयला खनन में लगे ग्रामीणों की माने तो उन्हें खदान से कोयला खोदकर एक ट्रक कोयला लोड़ करने का 30 से 35 हजार रुपए, 407 वाहन में कोयला लोड करने का 8 से व 10 हजार, एक पिकअप व ट्रैक्टर में 4 से 5 हजार रुपए ही मिलता है। जबकि यही कोयला बाजार में एक ट्रक 80 से 90 हजार रुपए में बिकता है। इसी कारण कोल तस्कर सक्रिय होकर अवैध कार्य को अंजाम दे रहे हैं। यहां धड़ल्ले से हो रहा कोयले का अवैध खनन व परिवहन, तस्करों को मिली अधिकारियों की मौन सहमति।

चिरमिरी के चिरमिरी इन क्षेत्रो में चल रहा कारोबार

चिरमिरी की कुरासिया, पोड़ी, कोरिया कॉलरी, गेल्हापानी, डोमन हिल, बरतुंगा की बंद खदानों से बड़ी मात्रा में कोयले का उत्खनन किया जा रहा है. कोल माफिया टिकरापारा, इंद्रानगर के मजदूरों से कोयले का उत्खनन करा रहे हैं. कोयले के अवैध उत्खनन के लिए 50 से 60 की संख्या में मजदूर जाते हैं, जो बंद खदानों में कोयले के उत्खनन का काम करते हैं। 2020 में भी कुरासिया की बंद ओपन कास्ट खदान में अवैध कोयला खनन करते वक्त 40 वर्षीय महिला यासमीन बानो की मौत हो गई थी। लेकिन अबतक उस हादसे को लेकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।

वर्जन…….
कोयला व अन्य अवैध कारोबार पर कार्यवाही की बात कह चुकी हूूॅ फिर भी यह काला कारोबार विगत कई वर्षों से घटने के बजाय सिर्फ बढ़ रहा रहा है । जिस पर प्रशासन को कार्यवाई करनी चाहिए।
अम्बिका सिंह देव – बैकुंठपुर, विधायक व संसदीय सचिव

कोेरिया कलेक्टर के द्धारा टिम गठित की गई है, जिस पर हमारे द्धारा यहा पर छापा मारा गया किन्तु खनन करने वाले भागने में कामयाब रहे जबकि मौके से 280 बोरा कोयला जब्त किया गया।
एस एस दुबे – एसडीएम, बैकुन्ठपुर

मेरे द्धारा कई बार पत्र लिखकर इसकी जानकारी कई विभागो को दी गई थी किन्तु अब हुई कार्यवाई सराहनिय पहल है । कोयले के कारोबार के कारण क्षेत्र में दूसरे गैरे कानूनी कार्य भी बढते जा रहे है।
उदय सिंह – सरपंच ग्राम मुरमा

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