छपी खबर तब नियम विरुद्ध कोविड वेस्ट को खुले में जलाया

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तहकीकात न्यूज  @  वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर


कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुन्ठपुर के कोविड हास्पीटल में अस्स्पताल से निकलने वाले कचरे को अस्पताल परिसर के बाहर खुले में अस्पताल से निकलने वाला कचरा जिसमें पीपीई किट आदि षामिल है को खुले में फंेका जा रहा था। जिस पर आवारा पषु भी मुह मारते हुए देखे गये । जिसे जानकारो ने बेहद ही खतरनाक बताया। गत दिवस खबर खपने के बाद कोविड अस्पताल प्रबंधन के द्धारा अपनी गल्तियो पर पर्दा डालने के चक्कर में सारे कचरे को जला दिया गया। पहले खुले में वेस्ट फेेंकना फिर खुले मं ही जला देना स्वास्थ्य विभाग के द्धारा कोरोना कचरे के प्रबंधन के लिए जो नियम कायदे र्निधारित किये है उसकी धज्जिया उठाई गई।

जैसा कि माना जा रहा है कि कोरोना के इस फेज में संक्रामक बहत तेज है। इसके तेजी से फैलने के गंभीर खतरे के बावजूद होम आइसोलेशन की तो छोडिए आस्पतलो से निकलने वाले कचरे के निस्तारण में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। इसे सामान्य कचरे के साथ खुले में डाला जा रहा है। जानकारो का कहना है कि कोरोना के पहले फेज में कचरा निस्तारण के लिए एक प्रक्रिया का पालन किया जाता था। इस बार कचरे को उठाने के लिए कोई प्रबंधन नहीं किया जा रहा है।

होम आइ्रसुलेषन स्थिति और बदतर

वर्तमान में कोरोना के 4718 एक्टिव केस हैं। इनमें 4573 मरीजों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है, तो शेष अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। कोरोना मरीज जिले के हर इलाके में हैं, लिहाजा कोरोना संक्रमित कचरे के लिए उचित प्रबंधन न होने से इनसे संक्रमण बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों को कंटेनमेंट जोन बनाकर इनसे होने वाले किसी संक्रमण को रोकने की कोशिश की जा रही है। लेकिन यहां भी कचरा निष्पादन के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई है। इन इलाकों से निकलने वाले कचरे को भी सामान्य कचरों की तरह फेंका जा रहा है।

कैसे होना चाहिए कोविड कचरे का निस्तारण

वही पर मामले में जानकारो का कहना है कि कोविड-19 कचरे का निस्तारण स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार किया जाना चाहिए ये दिशानिर्देश 2020 में जारी किये गये थे, नियमों में यह बिलकुल स्पष्ट है कि कोविड कचरे को अन्य कचरे से पूरी तरह अलग रखा जायेगा। इन्हें उठाने वाले कर्मी भी विशेष किट्स में ही इन कचरों को उठाएंगे, जिससे इन्हें उठाते समय वे स्वयं संक्रमण के शिकार न हों। कोविड कचरे को उठाने से लेकर इन्हें निस्तारण केंद्र तक ले जाने के लिए पूरी तरह अलग वाहन और अलग कर्मी नियुक्त किये जाने चाहिए व कचरे को वैज्ञानिक विधि से निस्तारित किया जाता है। जिले के कोविड अस्पतालो से कोविड मरीजों से मास्क, ग्लव्स, पीपीई किट्स सहित दिन-प्रतिदिन के इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं का कचरा निकलता है। मरीजों के साथ-साथ इनके लिए काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों सहित अन्य स्टाफ का भी प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा निकलता है।

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