तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
लाख दलदल हो, पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही, ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में, पानी रुक नही सकता, बर्फ बनने तक, जरा हौसला तो बनाये रखिये……मेडिकल विज्ञान भले ही चमत्कार को न माने पर एक ओर जहा जवान कोरोना से जंग हार जा रहे है वही पर जब कोई 100 साल की बूजूर्ग महिला यदि कोरोना को मात देकर अस्पताल से बाहर आये तो उसे चमत्कार ही कहा जायेगा। जी हा हम बात कर रहे कोरिया जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम बुंदेली की रहने वाली 100 साल की बुधनी बाई कर रहे है और आज वे बैकुण्ठपुर स्थित कोविड हॉस्पिटल से पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर को लौट रही हैं। बुधनी उन सभी के लिए प्रेरणा हैं, जो इस बीमारी से जूझ रहे हैं। एक उम्र जिसमें शरीर पहले ही जवाब देने लगता है, उस वक्त में ऐसी महामारी को हराकर जीतना वाकई कोबिले-तारीफ है। साथ ही प्रशंसा के पात्र वे पूरी मेडिकल टीम है जो दिन-रात एक कर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।
कोविड हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ अमरदीप जायसवाल ने बताया कि गत 17 मई को रात्रि 9 बजे बुधनी बाई को कोविड हॉस्पिटल लाया गया। उस वक्त उनका ऑक्सीजन सैचुरेशन 95 प्रतिशत से कम था। उन्हें बुखार था एवं कोरोना के अन्य लक्षण भी दिख रहे थे। इस हालत में डॉक्टरों के परामर्श और नर्सिंग स्टाफ के नियमित संपर्क ने उनका हौसला बढ़ाया। डॉक्टरों, स्टाफ नर्स व अन्य कर्मियों की मेहनत से मरीज में दिनोंदिन सुधार होते गया और पूर्ण स्वस्थ होने पर 23 मई को उन्हें डिस्चार्ज किया गया। आज कोविड हॉस्पिटल की पूरी टीम उनके डिस्चार्ज के समय मौजूद रही।
कलेक्टर एसएन राठौर ने बुधनी की जिजीविषा और मेडिकल टीम की अथक मेहनत को सराहा ओर इसी तरह बेहतर कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। बुधनी बाई ने सभी डॉक्टरों, स्टाफ नर्स व अन्य कर्मियों को देखभाल और समुचित ईलाज के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
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