तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
बुद्धवार को भगवान बुद्ध की जयंती के साथ बैशाख माह की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारत के पूर्वी क्षेत्रों और विदेशों में दिखाई देने की बात कही जा रही है। चूंकि छत्तीसगढ़ समेत जिले में ग्रहण नहीं दिखने की बात कही जा रही है इसलिए ग्रहण के पूर्व लगने वाला सूतक मान्य नहीं होने की बात धम्र के जानकार बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि मंदिरों में और घर में पूजा पाठ पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
26 मई को पड़ रहे चंद्र ग्रहण में सूर्यास्त से पूर्व ही ग्रहण का मोक्ष हो रहा है।
सूतक काल मान्य नहीं
चंद्र ग्रहण लगने के आठ घंटे पहले सूतक लगने की मान्यता है, यह सूतक तभी मान्य होता है जब ग्रहण दिखाई दे। चूंकि यह एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण है और दिखाई नहीं देगा इसलिए सूतक काल भी नहीं माना जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण के दौरान देश के अधिकांश क्षेत्रों में चंद्रमा पूर्वी क्षितिज से नीचे होगा। इस वजह से चंद्रग्रहण नहीं दिखेगा। पूर्णिमा तिथि पर 26 मई को वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में ग्रहण दोपहर 3.15 बजे शुरू होगा और 6.23 बजे समाप्त होगा।
इसलिए आ रहे आपदा
ज्योतिष के अनुसार चंद्रग्रहण जल तत्व राशि में है इसलिए इसके प्रभाव से विश्व के अनेक देशों में तेज बारिश, आंधी, तूफान, भूकंप जैसी आपदा आने की आशंका है। चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में पड़ रहा है इसलिए वृश्चिक राशि पर प्रभाव पड़ेगा। साथ ही मेष, सिंह और धनु राशि को भी प्रभावित करेगा।
as

+ There are no comments
Add yours