तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
जिले में रोका-छेका अभियान जारी है लेकिन धरातल पर उल्टे मवेशियों ने ही सड़कों को रोक और छेक रखा है। सरकार की अधिकांश योजनाओं की तरह रोका-छेका अभियान का भी हाल होता दिख रहा है। जिसका परिणाम है प्रतिदिन सुबह से ही मुख्य मार्ग पर मवेशियों के द्धारा डेरा जमा लिया जाता है। उल्लेखनीय है कि एक जुलाई से रोका-छेका अभियान की शुरुआत की गई। जिसके तहत नगरिय निकायो व ग्रामीण अचंल में ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है कि वह सड़क पर मौजूद मवेशियों को गोठान तक पहुंचाएं, साथ ही मवेशी के मालिकों से एक शपथ पत्र भरवा जाए। जिसमें वे अपने मवेशियों को घर में रखने पर सहमति दे। कहने को तो योजना जारी है लेकिन इसका असर कहीं भी दिखाई नहीं पड़ रहा। वहीं सड़कों और खेतों में अभी भी हर ओर मवेशी जमे हुए हैं। आप जिले भर की किसी भी सड़क व खेत जगह पर चले जाइए। वहां गाय-बैलों का झुंड नजर आ ही जाएगा।
सड़क पर फैला रहता है गोबर
बारिश होते ही मिट्टी गीली होने के बाद मवेशी बीच सड़क को सुखी पाकर वहां ठिकाना बना लेते हैं। सड़क पर मवेशियों के बैठने के कारण हर तरफ गोबर भी बिखरा पड़ा है जिससे सड़कों की अलग दुर्गति हो रही है। यहां मुख्य सड़क और सभी सहायक सड़कों पर इसी तरह मवेशियों का कब्जा है। गांव में भी कोई बदलाव नहीं दिख रहा। ऐसे में समझ नहीं आ रहा कि सरकार की महत्वकांक्षी योजना रोका छेका आखिर चल कहां रही है।
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