बारिश की कमी से किसानों के माथे पर पड़ी चिंता की लकीरें

Estimated read time 1 min read

Baikunthpur @ Tahkikat News

खरीफ मौसम में बारिश का मौसम शुरू हुए दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी औसत बारिश नहीं होने से धान उत्पादक किसानों को सिंचाई की सुविधा से वंचित रहने की नौबत आ सकती है। जिसके कारण जिले के किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। सावन के पहले सप्ताह में दो-तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद में फिर जिले में बारिश थम गई है। आसमान में हल्के बादल जरूर दिखाई दे रहे, लेकिन बिना बरसे ही बादल लौट जा रहे हैं। जिले में बारिश के बार-बार मुंह फेर लिए जाने से धान उत्पादक किसान धान की रोपाई के काम में तो जुटे हुए हैं, लेकिन उन्हें भविष्य की चिंता भी सताए जा रही है। बारिश से अक्सर सराबोर होने वाला जुलाई व अगस्त माह इस अल्प बारिश से जूझ रहा है। बारिश के फिर रूठ जाने से मौसम में उमस बढ़ने लगी है। आमतौर पर जून में पर्याप्त बारिश होने के बाद जुलाई व अगस्त माह में मौसम खुशनुमा हो जाता है, लेकिन इस वर्ष ग्रीष्मकाल की याद दिला रहा है।

पानी की कमी से किसान चिंतित

अगस्त के प्रथम सप्ताह में हुई बारिश से किसानों में राहत के बाद अब बारिश के मुंह मोड़ लेने से कृषि कार्य पिछड़ गया है। सूखे में निंदाई करने से एक ओर जहां खरपतवार टूट रहे, जड़ सहित नहीं उखाड़ पा रहे हैं। वही दूसरी ओर धान भी पैरों तले पड़ने से कमजोर हो रहे हैं। बीच बीच अंतराल में थोड़ी बहुत बारिश से धान को मरने से तो बचाया जा सका लेकिन उक्त पानी से खरपतवार को अमृत मिल गया। वे बड़ी मात्रा में खेतों में उग आए हैं।

अब तक 594.6 मि.मी. हुई बारिष

भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सभी तहसीलों में 24 घण्टे के दौरान 4.4 मि. मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान सर्वाधिक 16.2 मि.मी. औसत वर्षा केल्हारी तहसील में दर्ज की गई है। इसे मिलाकर पूरे जिले में जून से अब तक 594.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज़ की गई है। 1 जून 2021 से 6 अगस्त 2021 तक बैकुण्ठपुर तहसील में 606.9, सोनहत तहसील में 736.6, मनेन्द्रगढ़ तहसील में 466.5, खड़गवां तहसील में 594.2, चिरमिरी तहसील में 777.5, भरतपुर तहसील में 633.4, केल्हारी तहसील में 347.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours