टीबी सघन खोज अभियान में अब तक 1.92 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, 7 टीबी मरीज मिले

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Baikunthpur @ Tahkikat News


प्रदेश को वर्ष 2023 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी की सघन खोज एवं उपचार अभियान 10 सितंबर से चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्याम धावड़े के मार्गदर्शन में अब तक इस अभियान के तहत एक लाख 92 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग में 380 मरीज संदेहास्पद मिले जिनकी टीबी जांच की गई। टीबी जांच में 7 मरीजों के पहचान की गई है।
उल्लेखनीय है कि टीबी सघन खोज अभियान 10 अक्टूबर 2021 तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान डोर टू डोर सर्वे के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता सघन खोज करेंगे और जिसमें लक्षण नजर आएगा, उनकी जांच कराई जाएगी। अभियान के तहत टीबी के संदेहास्पद मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए जन जागरूकता को विशेष महत्व देते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

कलेक्टर श्री धावड़े ने लोगों से की अपील – टीबी खोजी अभियान का सहयोग करें


कलेक्टर श्री धावड़े ने सभी लोगों से अपील की है कि टीबी खोजी अभियान का सहयोग करें। टीबी के प्रारंभिक लक्षण जैसे – 14 दिनों से ज्यादा का बुखार व खांसी आना, सीने में दर्द व खांसी के साथ मुंह से खून आना, भूख कम लगना व वजन का घटना, बच्चों में वजन का न बढ़ना, रात में पसीना आना आदि दिखने पर जांच जरूर कराएं। टीबी रोग से बचाव के लिए टीबी रोगी का इलाज शीघ्र कराएं।

लक्षण वाले व्यक्ति रोग को छिपाएं नहीं –


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा, डोर टू डोर सर्वे में यदि टीम के सदस्य किसी के घर पहुंचे तो टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति अपने रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं। टीबी रोग की पुष्टि होने पर उनका समुचित इलाज होगा। उन्होंने कहा, टीबी हारेगा देश जीतेगा थीम पर चलने वाले अभियान के दौरान टीम के लोग जन सामान्य को माइकिंग, पंपलेट, के माध्यम से भी टीबी से बचाव के लिए जागरूक करेंगे। टीबी रोगी के बारे में सूचना देने वाले को 500 रुपए प्रोत्साहन स्वरूप दिए जा रहे है।
डीपीएम रंजना पैकरा ने बताया, टीबी रोग पाए जाने पर रोगियों को मुफ्त दवाएं देने के साथ ही प्रतिमाह पांच सौ रुपये निक्षय पोषण योजना से देने का भी प्रावधान है। जिले को टीबी मुक्त बनाने में सामूहिक सहयोग जरुरी है।“

टीबी व कोविड के लक्षण समान –


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा ने बताया, “टीबी और कोविड के लक्षण मिलते-जुलते हैं, इसलिए ऐसे में खास सावधानी बरतने की जरूरत है। इससे बचने के लिए जरूरी प्रोटोकॉल जैसे- मास्क पहनना अनिवार्य है, क्योंकि इन दोनों ही बीमारियों में खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों से संक्रमण की संभावना रहती है। इसलिए अपने साथ दूसरों को सुरक्षित करने के लिए मास्क से मुंह और नाक को ढककर रखें।

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