शासन ने कोरिया कलेक्टर के जिला विभाजन प्रस्ताव ठुकराया………

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Baikunthpur @ Tahkikat News

गत 15 अगस्त को प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के द्वारा 4 नए जिले के गठन की घोषणा के साथ कोरिया जिले का विभाजन कर नया मनेंद्रगढ़ जिला बनाने की घोषणा के बाद शासन ने कोरिया कलेक्टर से नवीन मनेंद्रगढ़ जिले हेतु प्रस्ताव मांगा था । जिसके जवाब में कोरिया कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ शासन को कोरिया जिला विभाजन को लेकर जो प्रस्ताव बनाकर भेजा था उसमें सूत्रों से मिली जानकारी की माने तो कलेक्टर द्वारा कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों को चार-चार तहसीलो में विभाजित करने का प्रसताव बनाकर भेजा था। जिसमें कोरिया जिले के लिए बैकुंठपुर, सोनहत, खंडगवा व पटना को शामिल किया था। तो मनेंद्रगढ़ जिले के लिए जिन चार तहसीलों के नाम भेजे गए थे उसमें मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर एवं केल्हारी तहसील को शामिल किया गया था। मिल रही जानकारी की मानें तो शासन ने कोरिया कलेक्टर श्याम धावडे के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है एवं जिले का विभाजन विकासखंड स्तर पर करने की बात कहा है।

शासन ने यह मांगा था प्रस्ताव

कोरिया जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में तमाम गतिविधियों को दरकिनार कर मुख्यमंत्री ने नए मनेंद्रगढ़ जिले के लिए प्रस्ताव मांगा था। उसमें प्रस्तावित नवीन जिला मनेंद्रगढ़ के गठन के संबंध में कुल जनसंख्या, कुल ग्राम, कुल पटवारी हल्का, कुल राजस्व निरीक्षक मंडल, मकबूजा रकबा हैक्टेयर की विस्तृत जानकारी, खातेदारों की संख्या, कुल ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, राजस्व प्रकरणों की संख्या, कोटवार/पटेलो की संख्या तथा संभाग/जिला/प्रस्तावित नवीन जिला, का पृथक-पृथक नक्शा एवं एक संयुक्त नक्शा, जिसमे जिलो की सीमाएं चिन्हांकित हो। साथ ही जिला कार्यालय हेतु आवश्यक सेटअप एव उस पर होने वाले वेतन भत्ते तथा कार्यालय हेतु विभिन्न मदो में होने वाले आवर्ती एव अनावर्ती व्यय की संपूर्ण जानकारी अपने अभिमत सहित प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया था।

कांग्रेस का यह दाव पडा गया भारी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में जिलों का पुनर्गठन करते हुए चार नए जिलों चार नये जिले मोहला-मानपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा मनेन्द्रगढ़ के गठन की घोषणा की। मुख्यमंत्री का कहना था कि शासन को अतिंम छोर तक पहुॅचाने के लिए नये जिलो का गठन किया गया है। इस घोषणा के बाद से ही चिरमिरी, जनकपुर, खडगवा और जिला मुख्यालय में आज तक लगातार 40 दिन से अधिक होने के बाद भी जिला विभाजन को विभिन्न तरह के विरोधो को लेकर प्रर्दशनो का दौर जारी है। अब कां्रगेसी भी मानने लगे हैं कि शासन के इस फैंसले के बाद कोरिया जिले की तीनो विधानसभा को आगामी चुनाव पर मुख्यमंत्री ने दांव पर झोंक दिया है। भाजपा इसी बात से बेहद खुश है कि नये मनेन्द्रगढ जिले की घोषणा कां्रगेस की गले की फंस बन गई है। जिसमें मनेन्द्रगढ को छोड कोई भी क्षेत्र खुश नजर नही आ रहा है।

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