विभिन्न मांगो को लेकर ग्रामीण बैंक की एक दिवसीय हड़ताल……..

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Baikunthpur @ Tahkikat News


बैंक संस्था एवम स्टाफ के राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर एक बार पुनः वर्तमान विपरीत परिस्थितियों में भी केंद्रीय संगठन द्वारा 10 सिंतबर को नई दिल्ली में ऐतिहासिक उपस्थित के साथ प्रमुख समस्याओं पर भारत सरकार के बैंकिंग डिवीजन के अति उच्चाधिकारियों का गंभीर ध्यानाकर्षित किया गया।
इसी क्रम में 27 सिंतबर की हड़ताल का आह्वान किया गया था। जिसमे से मुख्य मांग भारत सरकार द्वारा ग्रामीण बैंक से अपनी 50% हिस्सेदारी को बेचने की नीतियां रद्द की जाए,
देश की सभी 43 ग्रामीण बैंक का समामेलन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक ग्रामीण बैंक की स्थापना की जाए,
बैंकिंग उद्योग के समान पद्दोन्नति नीति के समस्त नियमो का निर्धारण किया जाए,
मानव शक्ति योजना का पुनर्निर्धारण करते हुए समुचित नयी भर्ती की जाए,
अस्थाई रूप से कार्यालय सहायक पद पर सेवारत समस्त संदेशवाहकों का नियमतीकरण किया जाए,
11वे बैंकिंग वेतन समझौते के समस्त लाभों के आदेश को समानता के तय सिद्धान्त के तहत शीघ्र जारी किया जाए,
बैंकिंग पेंशन अधिनियम ग्रामीण बैंकों में भी वर्ष 1993 से प्रभावी किये जायें एवम 31 मार्च 2018 तक ग्रामीण बैंक में सेवा में जॉइन कर चुके स्टाफ को भी योजना से कवर किया जाए,
एवं अन्य वो सभी मुद्दे जो एक लंबे समय से नीति निर्धारकों के पास निर्णय हेतु लंबित हैं।
इस हड़ताल में ग्रामीण बैंक कोरिया जिले के समस्त 24 शाखा बंद रहे, जिससे समस्त आमजन एवं व्यापारी परेशान दिखे, एवं मायूस हो कर लौटने लगे। इस हड़ताल में जिले से श्री तपन सरकार, अनिल गुप्ता, सुरेंद्र अग्रवाल, ताराशंकर डे, रौशन सिंह, अखिलेश राजवाडे, यादवेंद्र सिंह, पवन सिंह, विशाल मिश्र, मुकेश देवांगन, आदित्य झा, प्रियांशु वार्ष्णेय आदि उपस्थित हो क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष उपस्थित हो प्रदर्शन किए एवं क्षेत्रीय प्रबंधक को भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।

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