त्योहार के सीजन में महंगाई चरम पर, पेट्रोल-डीजल सहित गैस की बढी कीमतों से लोग हलाकान

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Baikunthpur @ Tahkikat News

त्योहारी सीजन में जिले में पेट्रोल-डीजल सहित गैस की कीमतों में लगातार इजाफे का दौर जारी है। वहीं, अक्टूबर माह में पेट्रोल डीजल व गैस के दाम बढ़ते क्रम पर है। जिले में ईंधन की कीमतों में लगातार तेजी आने से अब आम आदमी पर खर्च का बोझ भी बढ़ता चला जा रहा है। किचन से लेकर रोजगार तक पर असर देखने को मिल रहा है।
मंगलवार को कोरिया के पेट्रोल पंप में एक लीटर पेट्रोल का दाम 104.55 रुपये व डीजल के दाम 103.12 रुपये हो गया है। वहीं, बढ़ते हुए दाम को लेकर लोगों को महंगाई की मार भी झेलनी पड़ रही है। वही पेट्रोल पंप संचालिका सीमा रानी हस्सा से मिली जानकारी के अनुसार कच्चा तेल की कीमत बढ़ने का असर यहां भी पड़ रहा है।
नजीर पेट्रोल पंप के के संचालक व कां्रगेस जिलाध्यक्ष नजीर अजहर ने बताया कि एक अप्रैल को एक लीटर पेट्रोल 89.74 रुपये में मिल रहा था। इस तरह सात माह में यह बढकर 104.55 रुपये हो गया। वहीं डीजल के दाम में 103.12 रुपये है जो कि एक अप्रैल को डीजल 88.30 रुपये में मिल रहा था। जो अब 103.10 हो गया है। पेट्रोल का दाम पहली बार 104.53 रुपये पार हुआ है। और लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।

989 रुपये हुए एलपीजी गैस के दाम

गैस सिलिंडर के बढ़ते दाम को लेकर जब एच पी गैस एजेंसी के संचालक फहद मुख्तार ने बताया कि पिछले साल सितंबर में 733 रुपये में घरेलू सिलेंडर(14.2 किग्रा) मिल रहा था। जो अब 989 रुपये में मिल रहा है। पिछले 2-3 माह से दाम स्थिर था। गैस एजेंसियों के अनुसार मार्च माह में दाम 908.50 रुपए था। जो 19 अक्टूबर को 989 रुपये हो गया है। केंद्र शासन से ही दाम तय होता है। ऐसे में केंद्र की ही महत्वाकांक्षी उज्जवला योजना पर प्रत्यक्ष रूप से भारी असर पड़ रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए गैस सिलिंडर के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन सभी परिवार उपयोग नहीं कर पा रहे है। बहरहाल बढती महंगाई के बीच लगातार महंगी हो रही घरेलू रसोई गैस आम आदमी की कमर तोड़ रही है।

जिले में 6 से 7 फीसद परिवार ही करा रहे रिफिलिंग

गैस एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार अब उज्जवला गैंस की हाल बदहाल नजर आ रहा है। बैकुन्ठपुर में मेे गैंस एजेन्सी में उज्जवला के 10हजार खाता धारक है जबकि विगत 6 महिने से औसत 6 से 7 फीसद परिवार रिफिलिंग करा रहे हैं। अब सिलिंडर के लिए पहले की तुलना में ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है, लेकिन बैंक खाते में सब्सिडी राशि उतनी ही आ रही है। सिलिंडर के दाम बढ़ने का असर होना स्वाभाविक है। इसका असर गरीब वर्ग पर ज्यादा पड़ रहा है।

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