कृषि वैज्ञाानिको ने किसानो को बताये संतुलित व जैविक उर्वरक के फायदें…..

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Baikunthpur @ Tahkikat News

कृषि विभाग, बी.ई.सी. फर्टिलाईजर बिलासपुर के संयुक्त तत्वाधान में जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में कलेक्टर श्याम धावड़े के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत उर्वरकों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांरण (डीबीटी), प्रणाली के पांच वर्ष पूर्ण होने पर उर्वरकों के सतत संतुलित उपयोग हेतु एक दिवसीय उर्वरक जागरुकता कार्यक्रम एवं कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया।
सीईओ जिला पंचायत ने राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि एवं उद्यानिकी एवं ग्रामीण पंचायत में संचालित योजनाओं के विषय में कृषकों को जानकारी दी। उन्होंने जिले के कृषकों को मृदा के स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए उर्वरकों व जैविक खाद का संतुलित उपयोग करने को कहा व केंचुआ खाद के उत्पादन की सराहना की।
कार्यक्रम में उपस्थित कृषि विभाग के उपसंचालक पी.एस.दीवान ने कृषकों को उर्वरकों के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांरण (डीबीटी), पीओएस एवं डिजीटल ट्रांजेक्शन द्वारा उर्वरकों की खरीदी के बारे में जानकारी प्रदान दी।
वरिष्ठ वैज्ञानिको ने कृषकों को एकीकृत समन्वित पोषक प्रबंधन की जानकारी दी व फसलों पर सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक के उपयोग एवं उसके महत्व, नैनो यूरिया एवं उर्वरकों के लागत को कम करने के बारे में विस्तार से बताया और साथ ही साथ टपक सिंचाई पद्धति एवं फर्टिगेशन विषय पर कृषकों को सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में कृभको मैनेजर मनीष राठौर द्वारा शासकीय अनुदान को कृषकों को डीबीटी माध्यम से सीधे लाभ देने के बारे में विस्तार से चर्चा किया गया। कृषि वैज्ञानिको ने असंतुलित उर्वरकों के उपयोग से फसलों पर विपरीत प्रभावए मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं फसल पोषण में मिट्टी परीक्षण का महत्वए जैव उर्वरकों द्वारा बीज उपचारए हरी खाद का उपयोगए केंचुआ खादए नाडेप कम्पोस्ट का उपयोग,मौसम पूर्वानुमान का कृषि कार्यों में महत्व इत्यादि विषयों पर कृषकों से चर्चा की।
मौसम वैज्ञानिक पी.आर. बोबडे़ ने कृषि से सम्बंधित विभिन्न एप जैसे. क्रॉप डाक्टर मेघदुत दामिनी एवं मौसम एप्लिकेषन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग एवं उर्वरक कम्पनी के अधिकारीए कर्मचारी एवं सभी विकासखण्डों के कृषक उपस्थित थे।

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