खबर पर हुई हरकत…….जॉच के आदेश के बाद डाला तीसरा सरीया…..धमकी पर उतरी जिला पंचा़यत सदस्य कहा…..देख लेंगे तुमको
खबर के बाद बढ़ी हलचल……अब निष्पक्ष जांच पर टिकी निगाहें
बैकुंठपुर।
खबर के बाद तीसरा सरीया डाला गया

प्रकाशित खबर

छत्तीसगढ की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचारी अब निरंकुश होता जा रहें है। हालत तो यह हो गई है जब इनकी हकीकत बाहर आती है तो इन लोगो के द्धारा सुधार करने के बजाय धमकी देने पर उतारु हो जा रहे हैं। खबर के प्रकाशन के बाद महिला जिला पंचायत सदस्य धमकी देते हुए देख लेने और अपने सरकार के दम पर हम पर ही कार्यवाई कराने की बात कहने लगीं।
गौरतलब हो कि कोरिया जिले के जनपद पंचायत बैकुंठपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत भांडी के हरिजनपारा में मुकेश के घर से अवधेश के घर तक निर्माणाधीन नाली कार्य को लेकर प्रकाशित समाचार के बाद संबंधित विभाग हरकत में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में स्वीकृत स्टीमेट के अनुरूप कार्य नहीं होने की शिकायत सामने आने के बाद अब विभागीय जांच की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी या जनप्रतिनिधियों के संरक्षण और दबाव के चलते मामले की लीपापोती कर दी जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली निर्माण में शुरुआत से ही गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताएं दिखाई दे रही थीं। उनका आरोप है कि स्टीमेट के अनुसार खुदाई के बाद नीचे मुरुम बिछाकर उसकी समुचित पटाई और मजबूतीकरण किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बिना उचित बेस तैयार किए ही आगे का निर्माण शुरू कर दिया गया, जिससे भविष्य में नाली की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण में सरिया (रॉड) की मात्रा भी निर्धारित मानक से कम रखी गई थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद निर्माण स्थल पर कुछ दूरी तक दो की जगह तीन सरिया लगाए गए, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि खबर का असर पड़ा है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह सुधार केवल सीमित हिस्से तक ही किया गया, जबकि आगे फिर से पुराने तरीके से कम सरिया लगाकर निर्माण जारी रखा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वास्तव में कार्य स्टीमेट के अनुसार कराया जा रहा होता तो समाचार प्रकाशित होने के बाद निर्माण पद्धति में बदलाव की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। ऐसे में यह मामला अब केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि विभागीय निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अब पूरे मामले में लोगों की निगाहें प्रस्तावित जांच पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के निष्पक्ष तरीके से होगी और यदि निर्माण में गुणवत्ता की कमी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदार और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है या वास्तव में निर्माण की गुणवत्ता, स्टीमेट के पालन और सामग्री के उपयोग की तकनीकी जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय की जाती है। ग्राम पंचायत भांडी का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
खबर छपने के बाद भाजपा के जिला पंचायत सदस्य के द्वारा भ्रष्टाचार के इस मामले को उठाए जाने को लेकर उन्हें धमकी दी तुम तैयार रहो तुम पर कार्रवाई कराई जाएगी । इसके उपरांत मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ना शुरू किया । तब कलेक्टर को कार्रवाई का आदेश देने को विवश होना पड़ा।


+ There are no comments
Add yours